SDRF टीम ने डूबते लोगों को बचाया, अस्पताल में लगी आग पर पाया काबू, आपदा से निपटने के लिए मॉकड्रिल

बलौदाबाजार : बलौदाबाजार जिले में बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बालसमुंद जलाशय पलारी में मॉकड्रिल का आयोजन किया. ये अभ्यास केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का व्यावहारिक मंच था.इस अभ्यास में एसडीआरएफ टीम, मेडिकल टीम, पुलिस, होमगार्ड, राजस्व विभाग, नगर पालिका और जिला आपदा प्रबंधन के अधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हुए. जिसका उद्देश्य ये सुनिश्चित करना था कि किसी भी आपदा की स्थिति में जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए सभी विभाग तालमेल और दक्षता के साथ काम करें.
टापू में फंसे ग्रामीणों का रेस्क्यू : अभ्यास की शुरुआत भारी बारिश के दौरान जलमग्न होने से टापू पर फंसे पांच ग्रामीणों को बचाने से हुई. जिला आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी और अतिरिक्त कलेक्टर अवध राम टंडन सहित एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ और कई विभागीय अधिकारी मौके पर मौजूद थे.टापू में फंसे होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीआरएफ और अन्य विभागों की टीमों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए.
एसडीआरएफ टीम लाइफ जैकेट, रोप और अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ मोटर बोट में रवाना हुई. टापू तक पहुंचकर टीम ने फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित रूप से बोट में बिठाया.ग्रामीणों की मेडिकल जांच की गई और उन्हें सुरक्षित स्थल पर पहुंचाया गया. अभ्यास के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया.
नदी में डूबते ग्रामीण की रेस्क्यू : इसके बाद अभ्यास में नदी में डूबते हुए ग्रामीण की रेस्क्यू शामिल थी. टीम ने तुरंत पानी में जाकर बचाव अभियान चलाया. यह अभ्यास यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया कि वास्तविक आपदा की स्थिति में टीम त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई कर सके.अभ्यास के बाद सभी विभागों के अधिकारियों ने बारी-बारी से विभागीय , कार्यवाहियों और संचालन प्रोटोकॉल की जानकारी दी.
मेडिकल टीम ने तुरंत मरीजों की जांच का अभ्यास किया.इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, एडीएम प्रकाश कोरी, सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार अवस्थी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे. जिला प्रशासन का यह अभ्यास यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया कि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल, समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो. यह प्रशिक्षण न केवल अधिकारियों के लिए बल्कि ग्रामीणों के लिए भी जागरूकता बढ़ाने का माध्यम है.





