नक्सलगढ़ नारायणपुर में रिटायर्ड फौजी का ग्रैंड वेलकम, स्वागत समारोह में उमड़ा जनसैलाब

नारायणपुर: भारतीय सेना की नौकरी गर्व और सम्मान से भरी होती है. देश की रक्षा का जज्बा लिए युवा इस नौकरी में शामिल होते हैं. नक्सल प्रभावित नारायणपुर के सपूत सुखदेव दुग्गा सेना से रिटायर होकर रविवार को अपने गृह ग्राम पालकी पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया. भारतीय सेना में 24 वर्षों तक सेवा कर चुके हवलदार सुखदेव दुग्गा के स्वागत में पूरा गांव और नारायणपुर के लोग शामिल हुए.
फूलों की बारिश और गाजे बाजे से स्वागत: सुखदेव दुग्गा का फूलों की बारिश और बैंड बाजे के साथ स्वागत किया गया. गांव पहुंचने पर उनकी आरती उतारी गई और उनके सम्मान में जयघोष किया गया. यह क्षण सुखदेव के साथ साथ पूरे गांव के लोगों के लिए यादगार बन गया.
संघर्षों के बीच ज्वाइन की सेना की नौकरी: सुखदेव दुग्गा साल 2001 में भारतीय सेना के आर्टिलरी विभाग में भर्ती हुए. उस दौर में नारायणपुर जिला नक्सलवाद के गहरे साये में था. ऐसे समय में किसी युवा का सेना में जाने का फैसला, साहस और प्रेरणा का प्रतीक माना गया. सुखदेव ने अपने संघर्ष और दृढ़ संकल्प से देश सेवा का मार्ग चुना. उन्होंने सेना में सेवा दी और अन्य युवाओं को प्रेरित किया.
सुखदेव का भव्य स्वागत, गांव में खुशी: रिटायरमेंट के बाद सुखदेव दुग्गा जब गांव लौटे तो उनका जोरदार अभिनंदन किया गया. जगदीश मंदिर परिसर में उनका परंपरागत स्वागत किया गया. अखिल भारतीय रिटायर्ड सेना परिषद और ग्रामीणों ने उनको तिलक लगाया. उसके बाद फूल मालाओं से उनका स्वागत किया है.
भगवान जगन्नाथ और मां दुर्गा के मंदिर में पूजा अर्चना के बाद सम्मान यात्रा निकाली गई, जिसमें जिलेभर के ग्रामीण शामिल हुए. यात्रा के दौरान विभिन्न चौक-चौराहों में उनके ऊपर फूलों की बारिश की गई. ग्रामीणों ने घर-घर आरती उतारकर उन्हें नायक की तरह सम्मान दिया.
24 साल देश सेवा करने के बाद जब घर लौटा हूं तो अपार खुशी है कि अब नक्सलवाद अपने अंतिम दौर में है. मैं नक्सलवाद में भटके युवाओं से अपील करता हूं कि हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें. साथ ही जिले के युवा अधिक से अधिक संख्या में सेना में भर्ती होकर भारत माता की सेवा करें- हवलदार सुखदेव दुग्गा, एक्स आर्मी मैन, भारतीय सेना
सुखदेव के 24 साल की सेवा कर लौटने का पल पूरे गांव के लिए गौरवशाली है. यह तस्वीर आजीवन याद रहेगी. उनके स्वागत में गांव का हर घर शामिल हुआ, इससे साबित होता है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में भी अब लोग विकास और देशभक्ति की राह पर आगे बढ़ रहे हैं- जागेश उसेंडी, सुखदेव के सहपाठी और ग्रामीण
अखिल भारतीय पूर्व सेवा परिषद ने किया स्वागत: सुखदेव दुग्गा का स्वागत करने के लिए अखिल भारतीय पूर्व सेवा परिषद के संभाग प्रभारी मौजूद रहे. उन्होंने मीडिया से चर्चा में बताया कि, जिस दौर में सुखदेव दुग्गा सेना में भर्ती हुए थे तब नारायणपुर जिले में नक्सल गतिविधि चरम पर थी. जब आज वह सेवा समाप्ति के बाद अपने ग्राम पहुंचे हैं तब माहौल काफी अच्छा हो गया है.
हम सब भूतपूर्व सैनिक यही चाहते हैं कि 24 साल देश सेवा करने वाले दुग्गा जी अब सेवा समाप्ति के बाद समाज की सेवा करें. मैं नारायणपुर के युवाओं से आह्वान करना चाहता हूं कि वें भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा में अपना अहम योगदान दें और देश का नाम रौशन करें- सुब्रत शाह, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक परिषद प्रभारी, बस्तर संभाग
अपने इस स्वागत समारोह से सुखदेव दुग्गा काफी भावुक हो गए. आर्मीमैन के स्वागत को लेकर नक्सलगढ़ नारायणपुर में युवा और हर तबके के लोग मौजूद रहे. सुखदेव दुग्गा की सेवा और समर्पण को नारायणपुर के लोग सलाम कर रहे हैं. उनके सेवा भाव से अब यहां के युवा भी सेना में शामिल होने के लिए प्रभावित होंगे.





