February 11, 2026 7:45 am
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राजनीतिक घमासान! SMS हादसे पर गहलोत बोले- लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच हो

राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल एसएमएस अस्पताल में हुए अग्निकांड के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीड़ितों से मिलने एसएमएस अस्पताल पहुंचे और उनका हाल जाना. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यह सरकार की चूक है. कफ सिरप से मौत के बाद भी इनके सिर पर जू नहीं रेंगती. वहीं पीड़ितों ने बताया कि देर रात जब हादसा हुआ तो हमने अस्पताल के स्टाफ को इसकी जानकारी दी लेकिन हमारी नहीं सुनी गई. हादसे के दौरान हमने अपने परिजनों को खुद आईसीयू से बाहर निकाला और उनकी जान बचाई किसी ने हमारी मदद नहीं की. पीड़ितों ने कहा कि जब मुख्यमंत्री एसएमएस अस्पताल पहुंचे तो पुलिस ने हमें डंडे मारे और दूर तक खदेड़ दिया. हमें मुख्यमंत्री से मिलने भी नहीं दिया.

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा लोग आग लगने से मर रहे हैं. दवाइयां एक्सपायरी डेट की दे-देकर लोगों की जान ली जा रही है और सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही. अब आप समझिए 6-7 लोगों की आग लगने से मौत हो गई और सरकार सो रही है. हम देख रहे हैं कि 6-7 दिन से खांसी की दवाई से लोग मर रहे हैं और 7 से 8 मौतें हो गईं और चिकित्सा मंत्री दवाई की कंपनी को क्लीन चिट दे रहे है. उनसे मिलकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं.

मोदी जी को पर्ची सरकार को चेंज करना चाहिए

उन्होंने कहा, अगर इस तरीके की पर्चियों और पर्चियों से सरकार बनेगी तो हालात यही होने वाले हैं. इसलिए समय रहते मोदी जी को पर्ची सरकार को चेंज करना चाहिए. अच्छे लोगों को बैठाकर यहां पर कानून व्यवस्था चाहे वह दूर से किसी भी विषय की हो, उनकी व्यवस्था करवानी चाहिए. यह बहुत गंभीर बात है कि हमारी नाक के नीचे राजधानी के अंदर किस तरह सिस्टम की लापरवाही से ऐसी आग से मौत हो गई. पहले केमिकल हादसा हो गया था. आज तक कोई रिपोर्ट नहीं आई. आपने देखा होगा कितनी मौतें हुईं. केवल और केवल एक डिवाइडर कट था, वह गलत कट बंद नहीं करने की वजह से वह हादसा हुआ था. तब भी सरकार ने जिम्मेदारी नहीं ली थी. कफ सिरप में कंपनी से भ्रष्टाचार करके उनको भी क्लीन चिट दे रहे हैं. चिकित्सा मंत्री अभी सो रहे होंगे अभी तक आए नहीं हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देखिए स्थिति बहुत नाजुक है. हालात अंदर बहुत खराब हैं. दुख इस बात का है रात को मुख्यमंत्री जी आए और परिवारजनों से बिना वार्ता किए चले गए. पुलिस मृतक के परिजनों को धमका रही है. जबकि सीएम को धैर्य बंधाना चाहिए. हम मुख्यमंत्री और चीफ सेक्रेटरी से बात करेंगे. जिस प्रकार से माहौल हुआ है उनसे पूछेंगे कि जो लोग मर गए हैं उनकी बॉडी कहां हैं. घटना किस लापरवाही से हुई है और घटना के बाद भी लापरवाही क्यों बरती जा रही है. मैं हमारे नेता प्रतिपक्ष जूली और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा सीएम से मिलेंगे और उनको कहेंगे कि पीड़ितों के साथ न्याय हो और लापरवाही करने वालों करने वाले लोगों पर तुरंत कार्रवाई हो. लोग डेडबॉडी ढूंढ रहे हैं. ऐसी घटना की न्यायिक जांच हो ताकि लोगों को पता चले की गलती कहां हुई है. जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी आगे ऐसी घटनाएं होती रहेंगी.

अग्निकांड के पीड़ित की जुबानी

उधर, अग्निकांड में पीड़ित ने कहा रात को 11:20 पर आग लगी थी. हमने तुरंत नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर को बोला. डॉक्टर कंपाउंडर अंदर देखकर सब बाहर आ गए. हम जो लोग अंदर थे, 2 पेशेंट को बाहर निकाल कर लाए. अंदर जो गार्ड थे उन्होंने हम को बाहर निकाल दिया. उसके 1.30 घंटे बाद हमारे पेशेंट को हम ही बाहर लेकर आए. सीएम साहब आए थे किसी भी परिजन से बात नहीं की. सीएम के आने से पहले पुलिस प्रशासन ने सभी परिजनों को डंडे दिखाकर यहां से 1 किलोमीटर दूर तक भगा दिया.

प्रदेश के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा, ऐसी दुखद घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी की संवेदनशीलता घटना की सूचना मिलते ही अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों और प्रशासन के साथ तत्काल रूप से घटनास्थल पर आए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए, जो लोगों की रेस्क्यू करके जान बचाई गई है. उनका उचित इलाज हो समुचित व्यवस्था हो और जो लोग इस दर्दनाक हादसे में हमारे बीच से चले गए हैं उनके परिवार को हमारी संवेदनाएं हैं. लोगों की समस्याओं पर रात में भी मैं और हमारे मंत्रिमंडल के साथियों ने वार्ता की. सीएम ने हमको निर्देशित किया कि संपर्क में रहकर जो मदद की जा सकती है, वह मदद तुरंत प्रभाव से करें. मैं और डिप्टी सीएम प्रेमचंद जी रात से यहां लगे हुए हैं. सरकार ऐसे हादसों में जो-जो सहायता अब तक दी जाती थी वह सहायता इनको तुरंत प्रभाव से दी जाएगी.

लोगों को गुमराह करने का काम कर रहा है विपक्ष

वहीं. कैबिनेट मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि घटना बड़ी दुखद है. रात को मुख्यमंत्री जी को जैसे ही जानकारी मिली, वो घटनास्थल पहुंचे. अभी भी घटना पर नजर बनाए हुए हैं. सरकार के सभी मंत्री और मैं भर्ती मरीजों से मिला. अस्पताल अधीक्षक से मिला. दुखद घटना की जांच के लिए सरकार ने कमेटी बनाई है. जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाता है उस पर सरकार कठोर कार्रवाई करेगी. मैं विपक्ष के लोगों से भी कहना चाहता हूं कि दुखद घटना पर राजनीति न करें. सरकार का साथ देना चाहिए. अच्छे सुझाव देने चाहिए. विपक्ष सिर्फ झूठी वाहवाही और लोगों को गुमराह करने का काम कर रहा है.

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