नारायणपुर के बेड़मा गांव के लोग बोले- कुएं के मेंढक की तरह जीने को मजबूर, सड़क निर्माण के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे

नारायणपुर: जिले में एक बार फिर सड़क और पुल-पुलिया निर्माण की मांग उठी है. करीब 10 साल से राजपुर पंचायत के तहत आने वाले ग्राम बेड़मा के ग्रामीण परेशान हैं. सोमवार को ग्रामीण फिर कलेक्टोरेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपा. ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 10 से 12 वर्षों से लगातार आवेदन दे रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हुई है.
बारिश में होती है बड़ी परेशानी: गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए किसी भी प्रकार की पक्की सड़क या पुलिया का निर्माण नहीं किया गया है. बारिश के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है. नाले के तेज बहाव के कारण गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है.
हम पिछले 10–12 सालों से सड़क और पुलिया निर्माण की मांग कर रहे हैं. कई बार आवेदन और ज्ञापन देने के बावजूद शासन-प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है. ग्रामीणों को रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है. कई बार लोग राशन लेकर लौटते समय नदी के तेज बहाव में बह चुके हैं– ग्राम के उप सरपंच दुशासन यादव
स्वास्थ्य सेवा पर भी असर: ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती है. बारिश के दौरान यदि किसी मरीज की तबीयत बिगड़ जाए तो परिजन कांवड़ या खाट पर मरीज को उठाकर कई किलोमीटर तक पैदल मुख्य सड़क तक ले जाने को मजबूर होते हैं. इसके बाद भी प्रशासन मौन है.
बेड़मा गांव की स्थिति आज भी विकास की मुख्यधारा से दूर है. ग्रामीण वर्षों से जिस सड़क और पुलिया की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वह अब तक अधूरी है. प्रशासन अगल जल्द पहल नहीं करता, तो यह समस्या न केवल ग्रामीणों के जीवन को संकट में डालती रहेगी बल्कि शासन की विकास नीतियों पर भी सवाल खड़े करेगी.





