IIIT रायपुर के छात्र पर AI के जरिए छात्राओं की तस्वीरें अश्लील बनाने का आरोप

रायपुर: ट्रिपल आईटी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया हैं. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के एक छात्र पर आरोप है कि उसने अपने ही संस्थान की लगभग 36 छात्राओं की तस्वीर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से एडिट कर उन्हें अश्लील रूप में तैयार किया है.
आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल की जांच में करीब 1000 से ज्यादा फर्जी फोटो और वीडियो बरामद किए गए हैं. बताया जा रहा है कि छात्र कई महीनो से इस हरकत को अंजाम दे रहा था. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से छात्राओं की फोटो डाउनलोड करके उन्हें AI टूल्स के माध्यम से मार्फ़ करके इन तस्वीरों को अश्लील रूप देने के बाद अपने निजी लैपटॉप और क्लाउड सर्वर पर सेव करके रखता था.
आईटी प्रबंधन ने आरोपी छात्र को किया निलंबित: आईटी के कुछ छात्राओं को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत ट्रिपल आईटी प्रबंधन से की. इसके बाद प्रबंधन के द्वारा आरोपी छात्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इसके साथ ही प्रबंधन ने जांच समिति भी गठित कर दी है. पीड़ित छात्राओं ने आरोप लगाया है कि संस्थान ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है. इसे आंतरिक जांच बताकर दबाने की कोशिश की जा रही है
पीड़ित छात्राओं का कहना है कि ट्रिपल आईटी प्रबंधन के द्वारा इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई जाती है, तो आरोपी छात्र के द्वारा फोटो को ऑनलाइन लीक करने का खतरा बना रहेगा. ऐसी स्थिति में छात्राओं ने प्रशासन से मांग की है कि साइबर पुलिस की मदद से आरोपी के लैपटॉप मोबाइल और क्लाउड डाटा की पूरी जांच कराई जाए. सभी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो को डिलीट कराया जाए.
आईटी प्रबंधन कर रहा मामले की जांच: ट्रिपल आईटी के डायरेक्टर ओम प्रकाश व्यास ने बताया “आरोपी छात्र को शिकायत के बाद निलंबित कर दिया गया है. मामले की प्रारंभिक जांच की जा रही है. जांच पूरी होते ही रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जाएगी.”
ट्रिपल प्रबंधन ने किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की है, ना ही पीड़ित ने की है. जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम आईटी भेजी गई थी. चर्चा में प्रबंधन ने बताया कि इस मामले की इंटर्नल जांच की जा रही है महिला प्रोफेसर के नेतृत्व में जांच की जा रही है. जांच में जो भी चीजें सामने आएगी, उसके अनुरूप कार्रवाई करेंगे-विवेक शुक्ला, ASP नया रायपुर
क्या कहते हैं साइबर एक्टपर्ट: साइबर एक्सपर्ट मोहित साहू ने इसे बेहद गंभीर अपराध बताया. उन्होंने कहा “किसी की निजी तस्वीर को बिना अनुमति के बदलने और उसे आपत्तिजनक बनाना आईटी एक्ट की धाराओं के तहत दंडनीय अपराध माना गया है.” साइबर एक्सपर्ट ने बताया कि पीड़ित छात्राओं को औपचारिक रूप से पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए. ताकि डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रह सके और आरोपी छात्र के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जा सके.”





