February 12, 2026 1:59 am
ब्रेकिंग
Goa Voter List 2026: गोवा की फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को नहीं होगी जारी, चुनाव आयोग ने बदली तारीख सोनम वांगचुक मामला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, रिहाई की मांग का किया विरो... Patna News: घर में मिली हाई कोर्ट की महिला वकील इंदिरा लक्ष्मी की अधजली लाश, मर्डर या सुसाइड की गुत्... Hardeep Puri vs Rahul Gandhi: एपस्टीन से मुलाकात पर हरदीप पुरी की सफाई, राहुल गांधी के आरोपों को बता... Lucknow Crime News: लखनऊ में बुआ-भतीजे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, लव अफेयर या पारिवारिक विवाद; जा... Rohit Shetty Case: रोहित शेट्टी मामले में बड़ा खुलासा, अब MCOCA एंगल से जांच करेगी पुलिस Vande Mataram New Rules: वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें मुस्लिम धर्मगुरुओं और... Bhagalpur Hospital Controversy: मंत्री लेशी सिंह के बीपी चैकअप पर बवाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच क... Delhi News: 'जंगलराज' के आरोपों के बीच गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर ... Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी, 13 स्टेशनों के साथ इन इलाकों की बदलेगी...
छत्तीसगढ़

दुर्ग जिला अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं की किल्लत, मरीजों को निजी मेडिकल भेजा जा रहा

दुर्ग: जिला अस्पताल में बीते कुछ दिनों से जीवन रक्षक और सामान्य इलाज में उपयोग की जाने वाली दवाओं की भारी कमी देखी जा रही है. ब्लड प्रेशर, शुगर और संक्रमण के इलाज में जरूरी कई दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं. मरीजों को मजबूरन निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.

इन दवाओं की किल्लत: जानकारी के अनुसार अस्पताल में हाई ब्लड प्रेशर की दवा एम्लोडिपिन उपलब्ध नहीं है. 6 माह पहले इसकी कमी होने पर अस्थायी तौर पर एनालाप्रिल दवा दी गई थी. वहीं, शुगर के इलाज में प्रयोग की जाने वाली मेटफार्मिन 500 एमजी और गलीमेप्राइड 2 एमजी की दवाएं भी अलग-अलग नहीं मिल रही हैं. अस्पताल में केवल संयोजन दवा मेटफार्मिन 500 एमजी + गलीमेप्राइड 1 एमजी उपलब्ध है, जो सभी मरीजों के लिए उपयुक्त नहीं होती है. इसके चलते जिन मरीजों को अलग-अलग दवा की जरूरत होती है, उन्हें बाहर से खरीदने की सलाह दी जा रही है.
एंटीबायोटिक में भी कई ऑउट ऑफ स्टॉक: बड़ी बीमारी के अलावा सामान्य बुखार की दवा पैरासिटामॉल तक अस्पताल में उपलब्ध नहीं है. दर्द निवारक दवाओं में केवल डाइक्लोफिनेक साल्ट मिश्रित टैबलेट ही दी जा रही है. एंटीबायोटिक की श्रेणी में सिफेक्सिम 200, 400 एमजी और एमोक्सिलीन पोटैशियम क्लेवनेट 625 एमजी जैसी आवश्यक दवाएं भी स्टॉक से बाहर हैं.

50 से ज्यादा सर्जरी होती: अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 900 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, वहीं अलग-अलग विभागों नाक, कान, गला, आंख, हड्डी, डेंटल और सिजेरियन सहित 50 से अधिक सर्जरी प्रतिदिन की जाती हैं. ऐसे में एंटीबायोटिक दवाएं नहीं होने से मरीजों की रिकवरी में बाधा बन रही है.

सरकार की ओर से भेजी गई दवाएं ही मरीजों को उपलब्ध कराई जाती हैं. कुछ मरीज बाहरी दवाओं की मांग करते हैं, जो अस्पताल के स्टॉक में नहीं हैं– जिला नोडल अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे

हालांकि नोडल अधिकारी ने दावा किया कि आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button