चित्रगुप्त मंदिर राजसात मामला, समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दी चेतावनी, कोई नहीं अमर चित्रगुप्त रखते हैं हिसाब

एमसीबी : मनेंद्रगढ़ में चित्रगुप्त मंदिर को शासन ने राजसात किया है. जिसके बाद कायस्थ समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध कांत सहाय जिला मुख्यालय पहुंचे. सुबोधकांत सहाय ने राजसात किए जाने के मामले पर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने मंदिर में आरती की और पूरे परिसर का भ्रमण किया.उनके साथ समाज के अध्यक्ष स्वप्निल सिन्हा, पूर्व विधायक गुलाब कमरो और बीरेंद्र श्रीवास्तव सहित समाज के कई अन्य सदस्य उपस्थित थे.
समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दी चेतावनी : मंदिर को राजसात करने के मामले में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोधकांत सहाय ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त केवल कायस्थ समाज के देवता नहीं हैं, बल्कि वे सभी का हिसाब-किताब रखने वाले हैं.उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने मंदिर को राजसात किया है या करवाया है, उन्हें भी एक दिन ऊपर जाना है.
प्रभु चित्रगुप्त सभी समाजों के न्यायाधीश और लेखा-जोखा रखने वाले हैं. जो लोग मंदिर को तोड़ना चाहते हैं, वे अमर नहीं हैं. जो ढोंगी लोग मंदिर और धर्म की बात करते हैं, उनके राज्य में यदि कोई चित्रगुप्त मंदिर को हाथ लगाएगा तो पूरा समाज और पूरा क्षेत्र खड़ा हो जाएगा. उन्हें सभी का सामना करना पड़ेगा- सुबोधकांत सहाय, राष्ट्रीय अध्यक्ष
क्यों हो रहा है विरोध :मनेंद्रगढ़ में 200 बिस्तर वाला आधुनिक अस्पताल बनना है. जिसके लिए साईं मंदिर और चित्रगुप्त मंदिर को राजसात करने का फैसला हाईकोर्ट ने सुनाया था. जिसके बाद मंदिर को राजसात किया गया. कायस्थ समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि शहर में बड़े अस्पताल के निर्माण की खुशी है, लेकिन सरगुजा संभाग के एकमात्र चित्रगुप्त मंदिर को कोई क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए. समाज ने मंदिर परिसर को भावनात्मक, धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का केंद्र बताया. प्रतिनिधियों ने कहा कि यह स्थान सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि कायस्थ समाज की पहचान और श्रद्धा का प्रतीक है.इसलिए इसे क्षति पहुंचाए बिना ही अस्पताल का निर्माण होना चाहिए.





