February 23, 2026 9:13 pm
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता...
मध्यप्रदेश

ग्वालियर में शांति कायम: पुलिस फोर्स ने निकाला फ्लैग मार्च, बड़ा आंदोलन स्थगित होने से टला तनाव, शहर ने ली राहत की सांस

ग्वालियर शहर में एडवोकेट अनिल मिश्रा के बाबा साहेब अंबेडकर पर दिए गए विवादास्पद बयान के बाद 15 अक्टूबर को आहूत किया गया बड़ा आंदोलन स्थगित कर दिया गया है. पुलिस प्रशासन की सक्रियता और प्रदर्शन का आह्वान करने वाले संगठनों से बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया. इसके बावजूद त्योहारों के मद्देनजर शहर में कड़ी चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रखी जाएगी.

ग्वालियर SSP धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि आंदोलन का ऐलान करने वाले लोगों ने ही लिखित में पुलिस को कॉल ऑफ ज्ञापन देते हुए आंदोलन को वापस ले लिया है.

सोशल मीडिया पर 15 अक्टूबर को प्रोटेस्ट कॉल करने वालों से पुलिस प्रशासन ने चर्चा की थी. आंदोलन का ऐलान करने वाले संगठनों को चेतावनी दी गई कि कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

क्या था विवाद का कारण?
विवाद की जड़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल मिश्रा का एक बयान था. अनिल मिश्रा ने डॉ. भीमराव आंबेडकर पर गलत टिप्पणी करते हुए सर बी.एन. राव को असली संविधान निर्माता बताया था.

इस बयान के बाद आंबेडकर समर्थकों ने पुलिस प्रशासन से अनिल मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने भड़काऊ बयान देने की धाराओं में अनिल मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया. स बयान के बाद सर बी.एन. राव समर्थकों और अंबेडकर समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर तनातनी शुरू हुई और 15 अक्टूबर को एक-दूसरे को देख लेने की चेतावनी भरे मैसेज वायरल हुए थे. ऐसे माहौल के बीच पुलिस-प्रशासन ने तुरंत कमर कस ली थी.

Related Articles

Back to top button