Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Rahul Gandhi on CEC: 'ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, PM करवाएंगे इस्तीफा', CWC बैठक में राहुल गांधी ... 'मुसलमानों को निशाना बनाने की साजिश', धर्मवार आंकड़े मांगने पर भड़के ओवैसी Delhi Pollution GRAP 2026: सर्दियों से पहले CAQM का बड़ा फैसला, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियो... चुनाव प्रक्रिया पर फिर उठे गंभीर सवाल: महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की चिट्ठी से मचा सियासी ... BJP State Incharges Meeting: बीजेपी मुख्यालय में 4 घंटे चली मैराथन बैठक, नितिन नबीन ने प्रभारियों को... Smriti Irani on Congress: हार की बौखलाहट में चुनाव आयोग पर हमला कर रही कांग्रेस, स्मृति ईरानी का तीख... Delhi Police Drug Bust: लेडी डॉन पार्वती के घर से सोना, नकदी और 4 संपत्तियों के कागजात जब्त; अंतरराज... Ketan Agarwal Murder Case: पुणे में रूह कंपाने वाली साजिश, 5,053 पन्नों की चार्जशीट में 'डेथ कैप मशर... Agra-Lucknow Expressway Accident: फिरोजाबाद में भीषण सड़क हादसा, इटावा DFO विकास नायक और उनके ड्राइव... Former IAS Divya Mittal: पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, बिना किसी दल के बनाएंगी अपना...

शरद पवार का महाराष्ट्र सरकार पर बड़ा हमला: ‘किसानों का संसार उजड़ गया, सरकार ने कोई मदद नहीं की’, अनदेखी का लगाया गंभीर आरोप

शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वो बाढ़ ग्रस्त किसानों के भावनाओ से खेल रही है. उन्हें अब तक उनके बैंक खातों में सहायता धनराशि नही दी गई. इस साल किसानों की दिवाली काली है. 17 अक्टूबर को एनसीपी किसानों के हक में हर जिले के कलेक्टर ऑफिस पर मोर्चा निकालने वाली है. एनसीपी ने ट्वीट कर कहा कि महाराष्ट्र में अतिवृष्टि ने जबरदस्त कहर मचाया है.

खेत पानी में डूब गए. फसलों के साथ मिट्टी बह गई और मेहनत से खड़ा किया गया किसानों का संसार पलभर में उजड़ गया. उज्ज्वल भविष्य के सपने देखने वाले बच्चों की किताबें-खातें कीचड़ में दब गईं तो वर्षों से पाले गए पशुधन की जान गई.

इन सर्वनाश के कारण किसान की कमर टूट गई है. किसानों का कहना है कि जब वे मदद की उम्मीद कर रहे थे, तब सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से मुह मोड़ लिया. सरकार ने केवल टुटपूंजी रकम देकर अपना हाथ झटक लिया. कई किसान परिस्थितियों से हताश होकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं, लेकिन सत्ता के नशे में चूर सत्ताधारी नेताओं को उनके अंतरात्मा क आवाज तक सुनाई नहीं दे रही.

इसको लेकर राज्यभर के किसान 17 अक्टूबर यानी शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रत्येक जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे. इस आंदोलन का उद्देश्य है किसान जो अनुभव कर रहे हैं, उसे सरकार तर पहुंचाना.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.