नशीले इंजेक्शन की तस्करी, बैकुंठपुर कोर्ट ने सुनाई 10 साल कठोर कारावास की सजा, 2 लाख जुर्माना भी लगाया
कोरिया: विशेष न्यायालय (एनडीपीएस) बैकुंठपुर ने नशीले इंजेक्शन की तस्करी केस में बड़ा फैसला सुनाया है. तस्करी करने वाले दोषी को 10 साल कठोर कारावास की सजा और 2 लाख जुर्माना लगाया गया है. यह फैसला मादक पदार्थों के बढ़ते व्यापार और युवाओं में बढ़ रही नशीले पदार्थों की प्रवृत्ति को ध्यान में रखकर दिया गया है.
क्या है पूरा मामला: पटना पुलिस को 15 मार्च 2024 को सूचना मिली थी कि आरोपी प्लास्टिक झोला में नशीले इंजेक्शन रखकर बेचने की फिराक में है और ग्राहक की तलाश कर रहा है. पुलिस ने आरोपी दयानंद राजवाड़े को ग्राम खाड़ा मेन रोड अटल आवास के पास पकड़ा. आरोपी के पास से नशीले इंजेक्शन 2 एमएल के 15 नग और 10 एमएल के 15 वायल सहित कुल 30 ml नशीली दवा बरामद हुई थी.
अब कोर्ट ने सुनाई सजा: इस मामले में विशेष न्यायालय बैकुंठपुर में मामले की सुनवाई चल रही थी. राज्य की ओर से लोक अभियोजक ने ने पक्ष रखा और कहा कि आरोपी से जब्त नशीले इंजेक्शन व्यापारिक मात्रा की श्रेणी में आता है. वर्तमान में मादक पदार्थों की बढ़ते अवैध व्यापार को ध्यान में रखकर कठोर दंड से दंडित किया जाए. दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायालय ने धारा 22 (सी) में 10 साल कठोर कारावास और 2 लाख जुर्माना लगाया. जुर्माने की राशि नहीं पटाने पर 3 महीने तक अतिरिक्त सजा भी भुगतनी पड़ेगी.
कोर्ट ने क्या कहा: कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि मादक पदार्थों की तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है. न्यायालय ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि वर्तमान में युवा वर्ग में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को ध्यान में रखकर कठोर दंड से दंडित करना आवश्यक है.
नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव से समाज को बचाने के लिए सरकार और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं. इस तरह के फैसले से तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा वहीं आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ी है.





