March 3, 2026 9:13 am
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छत्तीसगढ़

बलौदा बाजार में प्लांट प्रबंधन के खिलाफ ग्रामीणों की नाराजगी, केमिकलयुक्त पानी से फसलों के खराब होने का आरोप, कलेक्टर ने कही जांच की बात

बलौदा बाजार: धौराभाठा और बकुलाही गांव के किसान इन दिनों गांव के पास लगे प्लांट से परेशान हैं. गांव वालों का आरोप है कि प्लांट से जो पानी निकल रहा है, उससे उनकी फसलें बर्बाद हो रही है. कलेक्टर ने शिकायत मिलने के बाद जांच के आदेश दिए हैं. मिट्टी और पानी का सैंपल जांच किया जाएगा. कलेक्टर ने कहा है कि जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.

”केमिकल वाले पानी से फसल चौपट होने का आरोप”: धौराभाठा और बकुलाही गांव के किसानों का आरोप है कि कई बार प्लांट प्रबंधन से इस बात की शिकायत की लेकिन कोई भी हल नहीं निकला.

प्लांट से जो केमिकल वाला पानी खेतों में छोड़ा जा रहा है, उससे हमारी जमीन बंजर और खराब हो रही है. केमिकल इतना खतरनाक है कि इससे जमीन जल जा रही है. सालभर से प्लांट से ये केमिकल वाला पानी छोड़ा जा रहा है. बरसात में हमें पता नहीं चला लेकिन जब हम धान काटने आए तो पता चला कि पूरी फसल हमारी खराब हो चुकी है: भानु राम ध्रुव, सरपंच, धौराभाठा

50 एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो चुकी है. हम तहसील दफ्तर भी गए शिकायत करने तो कहा गया कि तीन दिन के बाद स्थिति ठीक हो जाएगी. तहसीलदार ने एक लेटर भी प्लांट को दिया लेकिन प्लांट वालों ने वो लेटर नहीं लिया. हमारी पूरी जमीन बंजर होती जा रही है: काशीदास मानिकपुरी, कोटवार,धौराभाठा

प्लांट प्रबंधन पर किसानों का आरोप: धौराभाठा और बकुलाही गांव के किसानों का आरोप है कि उनकी फसल खराब होने से वो मुश्किल में पड़ जाएंगे. गांव वालों के मुताबिक केमिकल वाले पानी से करीब 50 एकड़ में लगी फसल पर असर पड़ा है.

हम लोग कलेक्टर से मिलने के लिए गए थे लेकिन वो नहीं मिले तो हम लोगों ने अपर कलेक्टर से मामले की शिकायत की है. इसी जमीन से हमारा घर परिवार पलता है. अगर हमारी जमीन बंजर करने की कोशिश हुई तो हम चुप नहीं रहेंगे: किसान, धौराभाठा

गांव वालों ने दी चेतावनी: गांव वालों का कहना है कि अगर उनकी समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया तो वो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे. गांव वालों का आरोप है कि उनकी ओर से कंपनी को कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

जमीन तो बंजर हो ही रही है साथ ही साथ गायों को भी बीमारी हो रही है. इस केमिकल वाले पानी के जब गाय पीती हैं तो वो बीमार पड़ जाती हैं. घर में रहना भी मुश्किल होता जा रहा है. रात के वक्त ये लोग पानी डाल देते हैं. जब हम शिकायत करते हैं तो जेसीबी की मदद से उसे छिपाने की कोशिश की जाती है. रात के वक्त प्लांट से धुंआ छोड़ा जाता है जिससे खतरनाक डस्ट निकलता है. हमारे घर और कपड़े दोनों खराब हो जाते हैं: किसान, धौराभाठा

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कृषि विभाग करेगी जांच: कलेक्टर के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कृषि विभाग की टीम इसकी जांच करेगी. टीम के सदस्य खेतों और नालों से मिट्टी के नमूने लेंगे. पानी के सैंपल लेकर उसकी भी जांच करेंगे. ये पता लगाया जाएगा कि पानी में केमिकल है या नहीं.

प्रारंभिक जांच के लिए SDM भाटापारा, तहसीलदार और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. एक टीम बनाई जा रही है जो 48 घंटे के भीतर मौके पर जाकर जांच करेगी. पानी और मिट्टी के सैंपल लेकर लैब में जांच की जाएगी. अगर कंपनी दोषी पाई जाती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा. पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: दीपक सोनी, कलेक्टर

प्रभावित किसानों के खेतों में लगी फसल खराब हो चुकी है. केमिकल वाला पानी दो से तीन जगहों से आ रहा है. जो पानी आता है वो ऐसा लगता है कि समरसेबल पंप से पानी छोड़ा जा रहा हो: किसान, धौराभाठा

मुआवजे की मांग कर रहे किसान: किसानों का कहना है कि जिन लोगों की फसल केमिकल वाले पानी से खराब हुई है उनको उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए. किसानों का कहना है कि खाद बीज के साथ उनकी तैयार फसल भी चौपट हो चुकी है. ईटीवी भारत ने प्लांट प्रबंधन से भी इस विषय पर बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

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