March 30, 2026 12:00 am
ब्रेकिंग
Tamil Nadu Election 2026: अभिनेता विजय का चुनावी आगाज, दो विधानसभा सीटों— पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट से... Rahul Gandhi Gujarat Attack: गुजरात में दलित-आदिवासी उत्पीड़न का मुद्दा, राहुल गांधी के आरोपों से गर... Lok Sabha Session: लोकसभा में गूंजेगा नक्सलवाद का मुद्दा, गृह मंत्री अमित शाह बताएंगे नक्सलवाद खत्म ... उत्तम नगर में 'उड़ता दिल्ली'! सौरभ भारद्वाज का सनसनीखेज आरोप- 'खुलेआम बिक रहा नशा, सो रही है पुलिस' Amit Shah on Assam UCC: असम में यूसीसी की तैयारी! चार शादियों पर रोक और नए कानून को लेकर गृह मंत्री ... Harvesting Accident News: हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई मशीन, चा... Nandigram Assembly Election: नंदीग्राम में इस बार भी खिलेगा कमल, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने... Purnia Mystery Case: मरा हुआ युवक लौटा जिंदा! पूर्णिया में जिसकी लाश जलाई गई वह कौन था? इलाके में फै... Faridkot News: नशा विरोधी अभियान में फरीदकोट बना नंबर वन जिला, पंजाब पुलिस ने ऐसे कंट्रोल किया क्राइ... Firozabad Road Accident: फिरोजाबाद में वैगनआर और बोलेरो की भीषण भिड़ंत, हादसे में 1 की मौत, 4 गंभीर ...
धार्मिक

जीवन में चाहिए अपार सफलता? आज से ही ब्रह्म मुहूर्त में उठना शुरू करें, जानिए 3 काम जो आपकी किस्मत बदल देंगे

 हिंदू धर्म शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त का समय बहुत विशेष माना जाता है. प्रात: काल तीन से पांच बजे के बीच का समय ब्रह्म मुहूर्त का माना जाता है. ये दिन का सबसे शांत समय होता है. माना जाता है कि इस समय पर प्रकृति की उर्जा अपने चरम पर होती है. इस समय मन पूरी तरह से शांत होता है. इन्हीं सब वजहों से ये समय ध्यान, योग, पूजा-पाठ के लिए सबसे शुभ कहा गया है. ब्रह्म मुहूर्त को अक्षय मुहूर्त के नाम से भी कहते हैं.

जो कोई भी ब्रह्म मुहूर्त में अपने काम की शुरुआत करता है. उसका मस्तिष्क ज्यादा साफ रहता है. सोचने-समझने की ताकत बढ़ती है और दिन भर शरीर उर्जावान रहता है. इस समय में की गई साधना का असर जल्दी दिखाई देता है, क्योंकि ब्रह्म मुहूर्त में मन उलझनों से मुक्त होता है, तो चलिए जानते हैं कि बह्म मुहूर्त में कौन से काम या कहें कि उपाय करने चाहिए?

हथेलियों के दर्शन करें

ब्रह्म मुहूर्त का समय बड़ा ही चमत्कारी माना गया है, इसलिए इस दौरान आंख खुलने पर लोगों को अपनी हथेलियों को अवश्य देखना चाहिए, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि हथेलियों में त्रीदेव निवास करते हैं. ऐसे में ब्रह्म मुहूर्त में उठते ही अपनी हथेलियों के दर्शन अवश्य करें.

गायत्री मंत्र का जाप करें

ब्रह्म मुहूर्त में जागने के बाद अपने इष्टदेव का स्मरण करना चाहिए. फिर ऊं भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्’ का उच्चारण करना चाहिए. इस शुभ समय गायत्री मंत्र का जाप करने से पुण्य फल प्राप्त होते हैं.

भगवान शिव का स्मरण करें

मंत्रोच्चारण के बाद कुछ देर ध्यान लगाना चाहिए और भगवान शिव का स्मरण करना चाहिए. ‘ऊं’ का जप करना चाहिए. इस साधना से मन और आत्मा दोनों शुद्ध होती है. साथ ही मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की हर परेशानी दूर होती है.

Related Articles

Back to top button