February 12, 2026 3:19 am
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उत्तरप्रदेश

फर्जीवाड़े का पर्दाफाश! मौलाना शमशुल का दोहरा जीवन- ब्रिटेन में घर और आजमगढ़ में ‘फर्जी’ नौकरी, ATS ने खोला मोर्चा

उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की जांच ने संतकबीरनगर के एक मदरसा शिक्षक के संदिग्ध कारनामों का खुलासा हुआ है.ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त मौलाना शमशुल हुदा खान पर इस्लामी प्रचार के नाम पर पाकिस्तान में घूमना, वहां के लोगों से संपर्क बनाए रखना और भारत में जम्मू-कश्मीर में संदिग्ध असामाजिक तत्वों से जुड़ाव जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर संतकबीरनगर जिले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. उसका मदरसा सील हो चुका है, जबकि आजमगढ़ और संतकबीरनगर के दोनों मदरसों की मान्यता रद्द कर दी गई है. साथ ही, रजा फाउंडेशन नामक एनजीओ का पंजीकरण भी कैंसल हो गया.

जांच के अनुसार, शमशुल हुदा खान 12 जुलाई 1984 को आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित मदरसा दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त हुआ था. 2007-08 से वे ब्रिटेन में रहना लगा और 19 दिसंबर 2013 को उसने स्वेच्छा से ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली. फिर भी, 2007 से 2017 तक बिना उसकी सेवा पुस्तिका की जांच किए उसे प्रतिवर्ष वेतन वृद्धि दी जाती रही. आश्चर्यजनक रूप से, 1 अगस्त 2017 को उसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देकर पेंशन भी स्वीकृत कर दी गई, जो पूरी तरह अनियमित पाई गई. एटीएस की रिपोर्ट में इसे सरकारी तंत्र में गंभीर लापरवाही का उदाहरण बताया गया है.

पाकिस्तान से कनेक्शन

एटीएस की गहन जांच में खुलासा हुआ कि शमशुल हुदा खान मदरसा में नौकरी के दौरान बार-बार विदेश यात्राएं करता रहा. वह पाकिस्तान के कई इलाकों में जाकर वहां के मौलवियों और लोगों से संपर्क बनाता था. भारत लौटकर उसने अपने करीबियों के जरिए जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं और संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़ा रहा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह नेटवर्क इस्लामी कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का प्रयास था. इसके अलावा, वे इंग्लैंड और अन्य देशों से फंड इकट्ठा कर पूर्वांचल के मदरसों तक भेजते थे, जिसमें अपना कमीशन या दलाली भी काटते थे. यह सब विदेशी मुद्रा अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है.

सूत्रों के अनुसार, शमशुल की गतिविधियां 2007 से ही संदिग्ध थीं. वह ब्रिटेन में रहते हुए भी भारत में अपने नेटवर्क को सक्रिय रखा हुआ था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती थीं. एटीएस ने इन खुलासों को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद को रिपोर्ट सौंपी, जिसके निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई.

मुकदमा दर्ज, मदरसा सील

एटीएस रिपोर्ट के आधार पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने 2 नवंबर 2025 को संतकबीरनगर के कोतवाली खलीलाबाद थाने में शमशुल हुदा खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. FIR में धोखाधड़ी, FEMA उल्लंघन और संदिग्ध गतिविधियों के आरोप शामिल हैं. जांच जारी है, और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है. उधर, संतकबीरनगर स्थित उनका मदरसा सील कर दिया गया है. कुछ रिपोर्ट्स में 30 अक्टूबर की तारीख का जिक्र है, लेकिन आधिकारिक FIR 2 नवंबर को दर्ज हुई.

यह पहला मामला नहीं है. शमशुल के खिलाफ संतकबीरनगर और आजमगढ़ में पहले से दो अन्य अभियोग दर्ज हैं, जिनमें आरोप-पत्र कोर्ट में जमा किया जा चुका है. इनमें भी विदेशी फंडिंग और संदिग्ध संपर्कों के आरोप प्रमुख हैं.

उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने तत्काल प्रभाव से शमशुल से जुड़े दोनों मदरसों (आजमगढ़ और संतकबीरनगर) की मान्यता रद्द कर दी है. साथ ही, उनके संचालित रजा फाउंडेशन एनजीओ का रजिस्ट्रेशन भी कैंसल कर दिया गया. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने कहा, “ऐसी संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ाई बरती जाएगी. एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच तेज की जा रही है.

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