सड़क पर मौत बनकर दौड़ी फॉर्च्यूनर, साइकिल सवार बच्चे की मौत , परिवार मांग रहा इंसाफ

दुर्ग : दुर्ग के अमलेश्वर में तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने साइकिल चला रहे बच्चों को रौंद दिया. इस हादसे में एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई,दूसरा बच्चा गंभीर रुप से घायल है. बताया जा रहा है कि रायपुर से पाटन की ओर तेज रफ्तार गाड़ी ने बच्चों को टक्कर मार दी. हादसे के बाद दोनों बच्चों को गाड़ी चालक अस्पताल लेकर पहुंचा.जहां डॉक्टरों ने एक बच्चे को मृत घोषित किया,वहीं दूसरा बच्चा आईसीयू में है.
वेंटिलेटर पर जिंदगी
इस हादसे में जिस बच्चे की मौत हुई है उसका नाम टकेश्वर साहू है,जबकि हादसे में घायल का नाम प्रहलाद है.प्रहलाद इस समय वेंटिलेटर पर है.हादसा उस वक्त हुआ जब फॉर्च्यूनर गाड़ी राजनांदगांव पासिंग नंबर CG 08 AW 9300 पाटन से रायपुर की तरफ तेज गति से जा रही थी.
सीसीटीवी में कैद घटना
यह पूरी घटना पास के सीसीटीवी में कैद हो गई है, जिसका वीडियो भी सामने आया है.गाड़ी क्रॉसिंग को पार कर रहे बच्चों को तेज रफ्तार के कारण अपनी चपेट में ले लेती है. बच्चों की साइकिल चंद सेकंड में किसी खिलौने की तरह सड़क पर उड़ जाती है. दोनों बच्चे तेज गति से सड़क पर घिसटते हुए सीसीटीवी में दिखते हैं. हादसे के बाद वाहन चालक गाड़ी से उतरता है और बच्चों के पास जाता है. चालक दोनों घायल बच्चों को अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गया. पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करवा दिया है और मामले की जांच जारी है.
राजनांदगांव के कारोबारी की गाड़ी
इस घटना में जो जानकारी सामने आई है उसमें गाड़ी का मालिक राजनांदगांव का है. अब तक वाहन चालक पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर पुलिस के पास काफी सिफारिशें भी आ चुकी है.वहीं बच्चे के पिता का कहना है कि घटना के बाद वाहन मालिक ने उन्हें मुआवजा लेकर मामले को आगे नहीं बढ़ाने की बात कही है,लेकिन बच्चे के पिता का कहना है कि वो अपने बेटे की मौत पर न्याय चाहते हैं.वहीं पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि वाहन चालक मौके से भागा नहीं था बल्कि वो बच्चों को लेकर अस्पताल आया.इसलिए नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.
क्या टोल टैक्स बचाने का जरिया बना रायपुर पाटन मार्ग
आपको बता दें कि रायपुर से राजनांदगांव जाने के लिए कुम्हारी टोल पार करना पड़ता है.इसके बाद दुर्ग सीमा एक और टोल पार करके लोग राजनांदगांव पहुंचते हैं. लेकिन रायपुर अमलेश्वर पाटन मार्ग बन जाने से अक्सर वाहन चालक कुम्हारी टोल बचाने के चक्कर में पाटन मार्ग को चुनते हैं. इस मार्ग पर कई गांव हैं और सड़क किनारे कॉलोनियां समेत सरकारी स्कूल भी हैं. फिर भी वाहन चालक हाईवे की तरह अपनी गाड़ी की रफ्तार कम नहीं करते और आए दिन इस रोड पर हादसे हो रहे हैं.





