February 13, 2026 7:06 am
ब्रेकिंग
Goa Voter List 2026: गोवा की फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को नहीं होगी जारी, चुनाव आयोग ने बदली तारीख सोनम वांगचुक मामला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, रिहाई की मांग का किया विरो... Patna News: घर में मिली हाई कोर्ट की महिला वकील इंदिरा लक्ष्मी की अधजली लाश, मर्डर या सुसाइड की गुत्... Hardeep Puri vs Rahul Gandhi: एपस्टीन से मुलाकात पर हरदीप पुरी की सफाई, राहुल गांधी के आरोपों को बता... Lucknow Crime News: लखनऊ में बुआ-भतीजे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, लव अफेयर या पारिवारिक विवाद; जा... Rohit Shetty Case: रोहित शेट्टी मामले में बड़ा खुलासा, अब MCOCA एंगल से जांच करेगी पुलिस Vande Mataram New Rules: वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें मुस्लिम धर्मगुरुओं और... Bhagalpur Hospital Controversy: मंत्री लेशी सिंह के बीपी चैकअप पर बवाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच क... Delhi News: 'जंगलराज' के आरोपों के बीच गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर ... Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी, 13 स्टेशनों के साथ इन इलाकों की बदलेगी...
झारखण्ड

Jharkhand News: “पहले झारखंडी, फिर बाहरी”; गिरिडीह में कोलियरी रोजगार को लेकर मंत्री सुदिव्य का बड़ा बयान, कंपनियों को दी चेतावनी

गिरिडीह: सीसीएल गिरिडीह कोलियरी के बंद पड़े ओपन कास्ट माइंस से उत्पादन जल्द शुरू हो जाएगा. इस माइंस को शुरू करवाने में मंत्री सुदिव्य कुमार का अहम योगदान रहा है. ऐसे में झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन द्वारा आभार सभा का आयोजन किया गया. इस सभा में बतौर मुख्य अतिथि मंत्री सुदिव्य कुमार मौजूद रहे. यहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री ने सीसीएल प्रबंधन को चेतावनी दी.

कोलियरी के कई उतार चढ़ाव को नजदीक से देखा: मंत्री सुदिव्य कुमार

नगर विकास मंत्री ने कहा ‘तीन दशक से ज्यादा, जो मेरे राजनीतिक जुड़ाव का दौर रहा. इस दौर में कोलियरी के कई उतार चढ़ाव को नजदीक से हमने देखा. हम कोलियरी के स्टेक होल्डर या उसके साझेदार की हैसियत से रहे हम लोगों ने यह हमेशा प्रयास किया कि इंडस्ट्री चले भारत सरकार का उपक्रम चले और जब यह उपक्रम चलेगा, गरीब के घर का चूल्हा भी जलेगा और उसके पेट की आग भी बुझेगी.

कोलियरी मजदूर यूनियन को कमजोर करने की हुई कोशिश

इस मौके पर मंत्री ने कहा कि बहुत मौके आए, जिसमें झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन को कमजोर करने का प्रयास किया गया. बहुत से मौके पर यह भी कोशिश हुई कि कोलियरी प्रबंधन की तरफ से झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन की उपेक्षा की जाए. मैं प्रबंधन के साथ उन तमाम ताकतों को यह संदेश देना चाहता हूं कि झारखंड की धरती पर अवस्थित करहरबारी हो या ओपन कास्ट या फिर बनियाडीह, इस पर झारखंडियों का हक चलेगा किसी और के हक चलने की कोई गुंजाइश नहीं है’.

प्रबंधन को चेतावनी

मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि ‘दिशोम गुरु ने जिस नगाड़े और तीर धनुष के साथ हम लोगों को सिपाही बनाया, वह ताकत हमारी जीवित है, जिंदा है. मैं प्रबंधन से लेकर उन तमाम ताकतों को चेतावनी देना चाहता हूं कि परिस्थितियां कितनी भी विषम क्यों न हो, झामुमो और जेसीएमयू जब उतरेगी तो सारे विरोधियों को बाहर खदेड़ने की ताकत भी रखती है. 64 मजदूर के मामले हैं, 64 रैयतों के मामले हैं, फाइलों में उनको न्याय नहीं मिला है, तो मैं निश्चित तौर पर उन विस्थापित मजदूर की बात से बहुत सहमत हूं, जिसने कहा कि 40 सालों का अंतराल गुजर गया.

जमीन देने वालों के साथ अन्याय क्यों?

मंत्री ने मंच से कहा कि मैं जरूर कहना चाहता हूं कि विस्थापित परिवार की आवाज, कोलियरी के सीएमडी तक गूंजेगी और जरूरत पड़ने पर आवाज कोयला मंत्री तक गूंजेगी. विस्थापितों की आवाज को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाने का पूरा प्रयास रहेगा. कोलियरी चाहे पांच साल की बची हो या दस साल की? जब तक कोलियरी का अस्तित्व रहेगा. स्थानीय लोगों के हितों को, प्रबंधन को ही देखना होगा और उनको यह मानना होगा कि जिन लोगों ने जमीन दी हैं, उनका हक अधिकार इस कोलियरी से हटाया नहीं जा सकता है’.

पहले स्थानीय फिर बाहरी

लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा ‘आज ओपन कास्ट शुरू होने का मौका है. क्षेत्र के लोगों को रोजी-रोजगार की उम्मीद है लेकिन आपको संगठित रहना होगा, प्रबंधन आपके बीच में भी फूट पैदा करने की कोशिश करेगा. आपको इस बात के लिए एकजुट रहना होगा कि सबसे पहले स्थानीय लोगों के हित को किस तरीके से संरक्षित किया जाए. बाहर के लोगों को यदि यहां आउटसोर्सिंग में नौकरी देते हैं तो आपको विरोध करना होगा. आपको सशक्त विरोध करना होगा कि पहले स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया कराया जाए, उसके बाद जगह बचेगी तो बाहर के लोग आकर काम करेंगे’.

इस दौरान जेएमएम जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कोलियरी प्रबंधन पर निशाना साधते हुए कहा यहां की रैयतों की भूमि पर कोलियरी चल रही है. 64 रैयतों को प्रबंधन ने हक भी नहीं दिया है और जब ऐसे रैयत अपनी भूमि पर काम करते हैं तो सीसीएल पुलिस इन्हें ही रोकती है. निर्माण कार्य को तोड़ा जाता है और यह सब नहीं चलेगा.

ये रहे मौजूद

इस दौरान झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के जोनल उपाध्यक्ष दिलीप मंडल, क्षेत्रीय अध्यक्ष हरगौरी साहू, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अर्जुन रवानी, सचिव तेजलाल मंडल, के अलावा सीताराम हांसदा, जगत पासवान, दिलीप रजक, चंद्रशेखर साहू, गोविन्द साहू समेत कई लोग मौजूद थे.

Related Articles

Back to top button