February 11, 2026 12:02 pm
ब्रेकिंग
Dhurandhar 2 Update: फरवरी में आएगा 'धुरंधर: द रिवेंज' का पहला गाना, जानें कब रिलीज होगा रणवीर सिंह ... China Taiwan Conflict: हर दिन 10 से ज्यादा घुसपैठ और तेज हुई झड़पें, क्या ताइवान पर कब्जे की तैयारी ... Gold-Silver Price Today: चांदी की कीमतों में ₹7,000 का भारी उछाल, सोना भी हुआ महंगा; जानें अपने शहर ... AI Impact Summit 2026: दिल्ली में जुटेगा दुनिया भर के दिग्गजों का जमावड़ा, जानें कौन-कौन से टेक लीडर... Prayagraj Magh Mela 2026: कब है माघ मेले का अंतिम स्नान? जानें महाशिवरात्रि पर संगम डुबकी की सही तार... High Protein Pasta Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा क्रीमी हाई प्रोटीन पास्ता, नोट करें शेफ की सीक्रेट... JK Assembly: उमर अब्दुल्ला के बयान पर विधानसभा में बीजेपी का भारी हंगामा, सीएम का माफी मांगने से साफ... जेठानी के गहने चोरी कर देवरानी ने रची भिखारियों वाली कहानी, एक छोटी सी गलती से ऐसे खुला 'चोरी कांड' ... Jammu Kashmir High Alert: जम्मू-कश्मीर में 11 से 14 फरवरी तक हाई अलर्ट, खुफिया इनपुट के बाद बढ़ा आतंक... Jaipur Theft Case: गूगल पर सर्च किए जयपुर के 'पॉश इलाके', फिर चोरों ने ऐसे दिया बड़ी चोरी को अंजाम; ...
पंजाब

800 के पुराने नोट बदलवाने के चक्कर में बुरा फंसा व्यापारी, पढ़ें पूरा मामला

मोहाली : मोहाली पुलिस ने पुराने नोट बदलने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। डेढ़ महीने पहले, 1 अक्टूबर 2025 को गिरोह के खिलाफ गुप्त FIR दर्ज की गई थी। आरोपियों ने मोहाली के सुनार व्यापारी से 7 करोड़ रुपये ठगे, जबकि उनके पास पुराने नोट बदलने के लिए कुल 800 करोड़ रुपये की कॉलें आई थीं। पुलिस ने कुल 12 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। इनमें से हरियाणा के सचिन और गुरदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 9 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद हुए, जो उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी में रखे थे। अन्य कई अज्ञात आरोपी महाराष्ट्र, जीरकपुर, लुधियाना और दिल्ली से जुड़े थे।

गिरोह पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने का झांसा देकर लोगों को फंसाता था। मोहाली के फेज 4 के रहने वाले दविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि महाराष्ट्र के शैलेश ओटी और मोहित ओटी उनकी दुकान पर आए और दावा किया कि उनकी कंपनी पुराने नोट बदलने का काम करती है। बाद में उन्हें कमीशन का लालच देकर पैसे जमा करवाए गए। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने रसीदें और कंपनी के आईकार्ड भी भेजे, जिससे वह उन पर विश्वास कर बैठा। गिरोह का तरीका था कि एक राज्य में ठगी करने के बाद दूसरे राज्य में चला जाता था। जांच में यह सामने आया कि उन्होंने राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश के लोगों से भी इसी तरह ठगी की थी।

ठगों ने जीरकपुर में एक नई फर्जी कंपनी खोली, जिसमें डेटा कलेक्शन का काम होने का दावा किया गया। कंपनी में काम करने वाले स्थानीय कर्मचारियों को 15-20 दिन से अधिक समय तक नहीं रखा जाता था। आरोपियों ने अपनी शाही जीवनशैली दिखाने के लिए बड़े क्लब और होटल पार्टियों में शामिल होकर नेताओं और रईसजादों के साथ संबंध बनाए।

विशेष जांच टीम की लंबी मेहनत के बाद ही गिरोह के दो प्रमुख सदस्य गिरफ्तार किए गए। पुलिस अब इनके दस अन्य साथी, जिनमें एक महिला भी शामिल है, की तलाश में है। इस फर्जीबाड़े में पुलिस को कई रईसजादों और नेताओं की भी तलाश है। सचिन और गुरदीप फिलहाल चार दिन के पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि उनके वकील ने दावा किया कि मामला कंपनी निवेश और प्रॉपर्टी विवाद से संबंधित है, ठगी नहीं।

जानें कैसे शुरू हुआ खेल

मोहाली के फेज 4 निवासी दविंदर सिंह ने 5 मई 2025 को पुलिस को शिकायत दी कि महाराष्ट्र के शैलेश ओटी और मोहित ओटी उनकी दुकान पर सोना खरीदने आए। उन्होंने दावा किया कि उनकी एक कंपनी पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने का काम करती है, जिन्हें सरकार ने बंद कर दिया था। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति चाहता है, तो उसकी मदद से नोट बदलवाए जा सकते हैं।

कुछ समय बाद, दविंदर के एक जानकार ने बताया कि उसके परिचित दीपक अग्रवाल के पास 300 करोड़ रुपये पुराने नोट पड़े हैं, जिन्हें बदलवाना है। इसके बाद दविंदर ने शैलेश और मोहित से संपर्क किया। आरोपियों ने उसे 10 से 50 फीसदी कमीशन का लालच दिया, जिससे दविंदर का भरोसा बढ़ गया और उसने उनकी बात मान ली।

इसके बाद दविंदर को लगातार कॉल आने लगे, जिनमें लोग 100 करोड़ से लेकर 200 करोड़ रुपये तक के पुराने नोट बदलने के लिए संपर्क कर रहे थे। कुल मिलाकर, उसके पास 800 करोड़ रुपये पुराने नोट बदलवाने के लिए कॉलें आईं।

Related Articles

Back to top button