February 12, 2026 6:32 pm
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दिल्ली/NCR

दिल्ली ब्लास्ट में नया खुलासा! युनूस सरकार का दावा झूठा निकला, इख्तियार अब बांग्लादेश को करेगा बेनकाब, बड़े राज खुलेंगे

दिल्ली में लाल किला के पास 10 नवंबर को धमाका हुआ था. इसमें 13 लोगों की जान गई थी. इसके साथ ही कई लोग घायल हुए थे, जिनका इलाज जारी है. इस मामले में अब तक कई खुलासे हो चुके हैं. हर रोज जांच एजेंसियों की तरफ से छापेमारी की जा रही है. इसी कड़ी में सुरक्षा और जांच एजेंसियों के अनुसार इस हमले में बांग्लादेश के लिंक भी हैं.

जांच एजेंसियों ने बांग्लादेशी नागरिक इख्तियार को गिरफ्तार किया गया है, जो प्रतिबंधित संगठन अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) से जुड़ा बताया जा रहा है. सुरक्षा जांच एजेंसियों का मानना है कि इख्तियार ने ही धमाके में इस्तेमाल हुए विस्फोटक दिल्ली तक पहुंचाए थे.

इस गिरफ्तारी के बाद जांच का फोकस भारत-बांग्लादेश बॉर्डर, खासकर पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों पर शिफ्ट हो गया है, जहां कट्टरपंथी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है.

ढाका सरकार का इंकार, फिर भी मिले कई सबूत

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने दावा किया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल धमाके की साजिश में नहीं हुआ. लेकिन, भारतीय एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं जो इसके उलट कहानी बता रहे हैं.

जांच में क्या मिला?

  • बांग्लादेशी ऑपरेटिव और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के बीच ऑनलाइन मीटिंग्स
  • मालदा-मुर्शिदाबाद में बढ़ती गतिविधियां
  • धमाके से कुछ दिन पहले LeT कमांडर सैफुल्लाह सैफ की बांग्लादेशी अधिकारियों से मुलाकात

ये इनपुट इस बात की ओर इशारा करते हैं कि दिल्ली ब्लास्ट सिर्फ लोकल ऑपरेशन नहीं था, बल्कि पाकिस्तान-बांग्लादेश से संचालित एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था.

ISI-गाइडेड हाइब्रिड टेरर मॉडल पर एजेंसियों की नजर

जांच में पाकिस्तान स्थित LeT की भूमिका भी सामने आ रही है, जो पूरे प्लान को पीछे से गाइड कर रहा था. एजेंसियां अब एनक्रिप्टेड चैट, हवाला ट्रेल और बॉर्डर मूवमेंट्स की जांच कर रही हैं. हाल में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के दो डॉक्टर समेत तीन लोग हिरासत में लिए गए. इससे यह शक गहरा गया है कि कहीं यूनिवर्सिटी में कोई कट्टरपंथी मॉड्यूल सक्रिय तो नहीं था.

भारत नए तरह के हाइब्रिड टेरर का सामना कर रहा

सूत्रों के मुताबिक भारत अब एक अधिक आधुनिक और जटिल आतंकी खतरे का सामना कर रहा है.

  • ISI इसका मास्टरमाइंड
  • पाकिस्तान-बांग्लादेश नेटवर्क सक्रिय
  • व्हाइट कॉलर, डिजिटल और कैंपस-आधारित मॉड्यूल उभर रहे

पश्चिम बंगाल जैसे बॉर्डर राज्यों में खतरा ज्यादा है और आतंकियों का लक्ष्य अब सिर्फ जान-माल का नुकसान नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर को झटका देना है. ऐसे में अब भारत को बेहतर इंटेलिजेंस, इनफार्मेशन वारफेयर स्ट्रक्चर, जरूरत पड़ने पर बियॉन्ड-विजुअल-रेंज स्ट्राइक्स की तैयारी रखनी चाहिए. दिल्ली धमाके की जांच हर घंटे नए खुलासों के साथ आगे बढ़ रही है और अब साफ है कि यह मामला स्थानीय नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया के कई देशों में फैले नेटवर्क से जुड़ा है.

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