नारायणपुर एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन जारी, आदेश और नियुक्ति पत्र जलाकर जताया विरोध

नारायणपुर: जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है. गुरुवार को आंदोलन के 18वें दिन कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और तहसीलदार के सामने शासन का आदेश और अपने नियुक्ति पत्रों की कॉपी को आग के हवाले कर दिया. इसके साथ ही नारायणपुर के सीएमओ को सामूहिक इस्तीफा सौंपते हुए सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाया.
सरकार के खिलाफ संविदा कर्मचारियों का आक्रोश: एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के सैकड़ों सदस्य एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. कर्मचारियों ने प्रशासन के आदेश की प्रति और अपने नियुक्ति पत्र जलाकर सरकार के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया. आंदोलनरत कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनसे न तो बातचीत कर रही है और न ही उनकी मांगों पर ध्यान दे रही है, उल्टा कुछ साथियों की सेवा समाप्त कर दमनकारी रवैया अपनाया जा रहा है. कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
हड़ताल के इतने दिनों बाद भी सरकार ने अब तक हमसे ठीक से चर्चा नहीं की. चार साथियों का संविदा खत्म कर दी गई है. हम सभी ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया है. सरकार की दमनकारी नीति के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे -प्रदीप देवांगन, जिला अध्यक्ष, NHM संविदा कर्मचारी संघ
स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं कि प्रदेश में 20 प्रतिशत ही संविदा कर्मचारी है. लेकिन इन्हीं 20 प्रतिशत कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिला डाला प्रबंधकों पर कार्रवाई की गई है. सरकार कुछ लोगों को टारगेट कर बाकी लोगों का मनोबल गिराना चाहती है, लेकिन हम डटे हुए है- अभिषेक धृतलहरें, NHM संघ
अधिकारियों के समझाने का नहीं हुआ फायदा: संविदा कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान नारायणपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), तहसीलदार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया. सीएमएचओ ने अपील की कि आंदोलन समाप्त कर कर्मचारी कार्य पर लौटें ताकि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित न हो.
सामूहिक इस्तीफा और ज्ञापन दिया है. इस मामले में उच्च अधिकारियों को बताया जाएगा. एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है. उपलब्ध संसाधनों से काम लिया जा रहा है- डॉ एस एस राज, CMHO
एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन 18वें दिन और अधिक उग्र रूप ले चुका है.आदेश और नियुक्ति पत्र जलाने के बाद अब सामूहिक इस्तीफा सौंपने से साफ है कि आंदोलन लम्बा खिंच सकता है. सवाल यही है कि क्या सरकार संविदा कर्मचारियों की मांगें पूरी कर स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाएगी, या फिर आम जनता को बदहाल व्यवस्था का सामना करना पड़ेगा.





