February 24, 2026 1:05 pm
ब्रेकिंग
Dog Bite Death: आवारा कुत्ते के काटने से डरे बैंक कर्मचारी ने किया सुसाइड, छोड़ा सुसाइड नोट Amit Shah Bihar Visit: सीमांचल में डीएम-एसपी की अहम बैठक करेंगे अमित शाह, जानें पूरा एजेंडा विवादों में लव स्टोरी: 60 साल के प्रिंसिपल संग भागकर रचाई शादी, 3 दिन बाद ही मां बन गई शाइस्ता! Crime News: पति की हत्या कर ब्लीचिंग पाउडर और नमक से ड्रम में शव गला रही थी पत्नी Jharkhand News: एयर एंबुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाला मरीज संजय कौन था? जानें पूरी कहानी Weather Update: दिल्ली-NCR में बढ़ा तापमान, यूपी-बिहार समेत 10 राज्यों में गर्मी का अलर्ट Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध...
रायपुर संभाग

विश्व के प्रथम छंदबद्ध वृहत् व्याकरण का विमोचन रायपुर में*

तीसरी बार गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित हुईं पूर्णिमा चौधरी 'पिंकी

रायपुर–/ ‘छंदबद्ध वृहत् हिंदी व्याकरण (विश्व के व्याकरणों में प्रथम छंदबद्ध रुपांतरित व्याकरण) में अपनी सृजन के माध्यम से पिंकी जी ने सहभागिता किया जो गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। इस ऐतिहासिक पुस्तक का विमोचन 13 मई 2025 राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वावधान में वृंदावन सभागार रायपुर, छत्तीसगढ़ में भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. पी.सी. लाल यादव जी, विशिष्ट अतिथि में छत्तीसगढ़ी फिल्मोद्योग व प्रांतीय राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष आ.योगेश अग्रवाल जी,छंद के छ के अध्यक्ष आ.अरुण निगम जी, वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर शर्मा,राष्ट्रीय कवि संगम के महेश शर्मा,कमल शर्मा व गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रांतीय प्रभारी सोनल शर्मा उपस्थित थे । इसमें डॉ. विनय कुमार पाठक (पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग) को भी आमंत्रित किया गया था ।
मुंबई से राजकुमार छापड़िया व भोपाल से माधुरी दुबे जी की मेहनीय उपस्थिति रही ,इस साहित्यिक कुंभ का संचालन डॉ. ओमकार साहू मृदुल जी ने किया।
पाणिनी के अष्टाध्यायी व हिंदी व्याकरण को परिष्कृत करती इस विश्वस्तरीय साझा संकलन में 111रचनाकारों ने 117 छंदों से इसे सुसज्जित किया है जिसका संपादन डॉ इंद्राणी साहू , डॉ पद्मा साहू व डॉ नीरामणि श्रीवास जी ने नेतृत्वकर्ता रुप में किया । इसमें छत्तीसगढ़ राज्य ही नहीं अपितु महाराष्ट्र , मध्यप्रदेश जैसे अन्य राज्यों से भी सहभागिता रही ।
पूर्णिमा चौधरी जी के इस सम्मान हेतु समस्त साहित्य प्रेमियों व स्नेही स्वजनों ने,उनके लेखनी,उनकी कर्मठता ,उनके शब्दों को सराहा है और शुभकामनाएं प्रेषित किए हैं ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button