February 11, 2026 9:01 pm
ब्रेकिंग
Goa Voter List 2026: गोवा की फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को नहीं होगी जारी, चुनाव आयोग ने बदली तारीख सोनम वांगचुक मामला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, रिहाई की मांग का किया विरो... Patna News: घर में मिली हाई कोर्ट की महिला वकील इंदिरा लक्ष्मी की अधजली लाश, मर्डर या सुसाइड की गुत्... Hardeep Puri vs Rahul Gandhi: एपस्टीन से मुलाकात पर हरदीप पुरी की सफाई, राहुल गांधी के आरोपों को बता... Lucknow Crime News: लखनऊ में बुआ-भतीजे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, लव अफेयर या पारिवारिक विवाद; जा... Rohit Shetty Case: रोहित शेट्टी मामले में बड़ा खुलासा, अब MCOCA एंगल से जांच करेगी पुलिस Vande Mataram New Rules: वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें मुस्लिम धर्मगुरुओं और... Bhagalpur Hospital Controversy: मंत्री लेशी सिंह के बीपी चैकअप पर बवाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच क... Delhi News: 'जंगलराज' के आरोपों के बीच गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर ... Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी, 13 स्टेशनों के साथ इन इलाकों की बदलेगी...
देश

राइट टू डिस्कनेक्ट बिल संसद में पेश: ऑफिस के बाद कॉल-ईमेल का जवाब न देने का मिलेगा अधिकार, क्या है यह नया श्रम कानून?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सांसद सुप्रिया सुले ने शुक्रवार को संसद में राइट टू डिस्कनेक्ट बिल 2025 पेश किया, जिसमें एम्प्लॉय वेलफेयर अथॉरिटी बनाने का प्रस्ताव है ताकि हर कर्मचारी को काम के घंटों के बाद और छुट्टियों में काम से जुड़े टेलीफोन कॉल और ईमेल से डिस्कनेक्ट होने का अधिकार दिया जा सके.

ये बिल एक प्राइवेट मेंबर बिल के तहत पेश किया गया है. बता दें, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को उन विषयों पर बिल पेश करने की इजाजत है जिन पर उन्हें लगता है कि सरकार को कानून लाना चाहिए. कुछ मामलों को छोड़कर, ज्यादातर प्राइवेट मेंबर बिल सरकार के प्रस्तावित कानून पर जवाब देने के बाद वापस ले लिए जाते हैं.

ऑफिस बाद ऑफिस से जुड़े फोन ना उठाने का अधिकार

अगर ये बिल पास हो जाता है, तो उन नौकरीपेशा लोगों को फायदा होगा जो ऑफिस बाद भी ऑफिस के ई-मेल और कॉल से परेशान रहते हैं. यह बिल काम के घंटों से अलग कॉल और ईमेल का जवाब देने से इनकार करने और उससे जुड़े सभी मामलों के लिएएम्प्लॉय को अधिकार देगा.

पेड मेन्स्ट्रुअल लीव की मांग

कांग्रेस सांसद कडियाम काव्या ने एक और बिल सदन में पेश किया. मेन्स्ट्रुअल बेनिफिट्स बिल, 2024 मासिक धर्म के दौरान महिला कर्मचारियों को काम की जगह पर कुछ सुविधाएं देने की बात करता है.

शंभवी चौधरी (LJP) ने भी कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए पेड मेन्स्ट्रुअल लीव के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए एक कानून पेश किया, साथ ही मासिक धर्म के दौरान कई और लाभों और सुविधाओं की मांग की.

दूसरे बिल प्राइवेट मेंबर बिल

कांग्रेस सांसद द्वारा NEET छूट बिल: कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने तमिलनाडु को अंडर ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए NEET से छूट देने के लिए एक बिल पेश किया. इसी मुद्दे पर तमिलनाडु सरकार ने राष्ट्रपति की ओर से एक संबंधित प्रस्तावित कानून को मंजूरी न दिए जाने के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

मृत्युदंड समाप्ति संबंधी बिल: डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने देश में मृत्युदंड को समाप्त करने के लिए एक बिल पेश किया. यह मांग पहले भी उठती रही है, लेकिन केंद्र सरकारों ने इसे कुछ मामलों में जरूरी निवारक उपाय मानते हुए खारिज किया है.

पत्रकार सुरक्षा बिल: सांसद विशालदादा प्रकाशबापू पाटिल (निर्दलीय) द्वारा पत्रकार (हिंसा रोकथाम एवं सुरक्षा) बिल, 2024 पेश किया गया. इसका उद्देश्य पत्रकारों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

Related Articles

Back to top button