March 23, 2026 11:52 am
ब्रेकिंग
मुकेश अंबानी की Jio का 'महा-धमाका'! Airtel और Vi के उड़े होश; पेश किया ऐसा प्लान कि देखते रह गए दिग्... Vastu Tips for Women: महिलाओं के इन कामों से घर में आता है दुर्भाग्य, लक्ष्मी जी छोड़ देती हैं साथ; ज... पार्लर का खर्चा बचाएं! घर पर बनाएं ये 'मैजिकल' हेयर जेल, रूखे-बेजान बाल भी बनेंगे रेशम से मुलायम और ... Raebareli Crime News: रायबरेली में मामूली विवाद पर हिस्ट्रीशीटर का हमला, परिवार के 6 लोग घायल; ढाबा ... West Bengal Election 2026: बंगाल में चुनाव बाद हिंसा रोकने को आयोग सख्त, 15 जून तक तैनात रहेगी सेंट्... Patna Metro Phase 2 Inauguration: पटना मेट्रो के दूसरे चरण का उद्घाटन कब? आ गई डेट; बेली रोड से बैरि... उन्नाव में 'काल' बनी ड्राइवर की एक झपकी! डिवाइडर से टकराकर पलटी तेज रफ्तार बस; 1 महिला की मौत, 22 या... Lucknow Builder Honeytrap Case: लखनऊ के बिल्डर पर रेप और ब्लैकमेलिंग का केस, पीड़िता से मांगी 5 लाख ... Sanjay Nishad News: क्या BJP का साथ छोड़ेंगे संजय निषाद? गोरखपुर में छलके आंसू, सपा-बसपा पर निशाना औ... Gorakhpur Religious Conversion: गोरखपुर में अवैध धर्मांतरण का गिरोह पकड़ा गया, 4 अरेस्ट; अंधविश्वास ...
मध्यप्रदेश

कागजों में लहलहा दिया नंदन फलोद्यान, स्पॉट पर एक भी पेड़ नहीं, 13 लाख का घोटाला

छतरपुर : सरकार द्वारा नंदन फलोद्यान योजना मनरेगा के तहत चलाई जाती है. इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और छोटे किसानों की निजी भूमि पर फलों के बगीचे जैसे अमरूद, नींबू, आम विकसित करना है. इस योजना में सरकार की ओर से आर्थिक मदद, पौधे और मजदूरों की मजदूरी मनरेगा के तहत दी जाती है. इस योजना में कई जगहों पर भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं.

सामूहिक वसूली के लिए नोटिस जारी

छतरपुर जिले की जनपद पंचायत बिजावर की ग्राम पंचायत अनगौर में भी नंदन फलोद्यान योजना के तहत घोटाला हुआ. इस मामले में जनपद सीईओ सहित 4 अधिकारियों को लाखों की वसूली करने का नोटिस भेजा गया है.

जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम: शिवाय अरजरिया ने जनपद पंचायत बिजावर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजना नागर सहित 4 अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी धन के गबन का दोषी पाया है. इनसे 13.26 लाख रुपए की सामूहिक वसूली के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

सरपंच-सचिव के हस्ताक्षर के बगैर निकाली राशि

ग्राम पंचायत अनगौर में नंदन फलोद्यान योजना में जमीनी कार्य और बिना सरपंच-सचिव के हस्ताक्षरों के फर्जी तरीके से सरकारी राशि का भुगतान कर दिया गया. घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब सहायक लेखाधिकारी द्वारा फर्जी मटेरियल लिस्ट और एफटीओ जारी करने की शिकायत प्राप्त हुई. जिला पंचायत सीईओ द्वारा कार्यपालन यंत्री सलिल सिंह और राजनगर जनपद सीईओ राकेश शुक्ला का एक विशेष जांच दल गठित किया गया.

जांच टीम ने शिकायत सत्य पाई

जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में बताया “ग्राम पंचायत अनगौर के 11 हितग्राहियों के लिए स्वीकृत नंदन फलोद्यान कार्यों में सामग्री का भुगतान बिना सहायक यंत्री के माप सत्यापन और देयक प्रमाणीकरण के ही कर दिया गया. अभिलेखों के निरीक्षण में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि सामग्री भुगतान के देयकों पर न तो सरपंच के हस्ताक्षर थे और न ही सचिव के, बल्कि केवल रोजगार सहायक और उपयंत्री के हस्ताक्षरों के आधार पर राशि निकाल ली गई.”

बगैर काम के कर दिया 13 लाख भुगतान

जांच के दौरान पता चला “बिजावर जनपद सीईओ अंजना नागर ने जून 2025 में एक नोटिस जारी कर स्वीकार किया था कि मौके पर कोई पौधरोपण नहीं हुआ.” दूसरी तरफ, ग्राम पंचायत सचिव द्वारा एफटीओ निरस्त करने के लिए दिए गए लिखित आवेदन को दरकिनार करते हुए अगस्त माह में 13.26 लाख रुपए का अवैध भुगतान किया गया.

जनपद सीईओ सहित 4 लोगों से होगी वसूली

जांच के बाद जनपद सीईओ अंजना नागर के साथ ही सहायक लेखाधिकारी दिलीप गुप्ता, उपयंत्री विकास श्रीवास्तव और ग्राम रोजगार सहायक राकेश मिश्रा को सीधेतौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है. जिला पंचायत सीईओ ने मध्य प्रदेश पंचायत अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत इन चारों दोषियों से समान अनुपात में 3.315 लाख रुपए प्रति व्यक्ति की वसूली हेतु नोटिस जारी किया गया. मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 जनवरी 2026 को होगी.

मौके पर नहीं लगे मिले वृक्ष

इस मामले में जिला पंचायत CEO नम: शिवाय अरजरिया ने बताया “शिकायत मिली थी कि जनपद CEO ओर उनके कर्मचारियों ने अनगौर में बगैर वृक्ष लगाए राशि निकाली है. जांच करवाई गई तो शिकायत सत्य पाई गई. मौके पर कोई भी वृक्ष लगे नहीं पाए गए. चारों को 13 लाख 26 हजार गबन की राशि वसूली का नोटिस भेजा गया है.”

Related Articles

Back to top button