February 13, 2026 5:49 am
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मध्यप्रदेश

मरीजों को लूट रहे एंबुलेंस माफिया, अस्पतालों से मिलीभगत, IMA ने खोली सारी परतें

जबलपुर : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के अध्यक्ष डॉ. अमरेंद्र पांडे ने एक वीडियो जारी कर एंबुलेंस माफिया के लूट के सर्किट को बेनकाब किया. उनका कहना है “एंबुलेंस माफिया सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं. मरीजों के परिजनों के साथ खुलेआम लूट की जा रही है.”

डॉ अमरेंद्र पांडे ने सरकार से अपील की है “इस मामले में सरकार कोई दखल करे नहीं तो उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ेगा.”

मध्य प्रदेश के शहरों में फैले एंबलेंस माफिया

डॉ.अमरेंद्र पांडे ने वीडियो में कहा “जबलपुर सहित प्रदेश के बड़े शहरों में एंबुलेंस माफिया बेलगाम हैं. जबलपुर में बीते दिनों एक एक्सीडेंट हुआ, जिसमें एक बस पलट गई. एक्सीडेंट के मरीजों को सरकारी सुविधा से चल रही 108 एंबुलेंस के जरिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया जाना था. लेकिन ऐसा न होकर एंबुलेंस ने इन्हें एक निजी अस्पताल में पहुंचा दिया. यह घटना एक दिन की नहीं है, बल्कि एंबुलेंस माफिया हर मरीज को कुछ ऐसे चुनिंदा निजी अस्पतालों में लेकर जा रहे हैं, जहां मरीजो के साथ लूट चल रही है.”

हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगाने की तैयारी

IMA अध्यक्ष डॉ. अमरेंद्र पांडे का कहना है “कई मामलों में तो एंबुलेंस चालक को निजी अस्पताल ₹50 हजार तक दे देता है और ये राशि बाद में मरीज से वसूली जाती है. एंबुलेंस चालकों की वजह से मरीज को सरकार की योजनाओं का फायदा भी नहीं मिल पा रहा है. जबलपुर के ऐसे कई निजी अस्पतालों में मरीजों का शोषण हो रहा है. इस मामले में अब सरकार से उम्मीद नहीं बची है. हमें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगानी पड़ेगी.”

पीड़ित परिजन ही शिकायत नहीं करते

जबलपुर के सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा का कहना है “अमरेंद्र पांडे ने जो मुद्दा उठाया है, वह उससे सहमत हैं लेकिन उनके हाथ में कुछ भी नहीं है. क्योंकि ऐसे मामलों में जब भी मरीज के परिजनों से बात की जाती है तो वे कोई शिकायत नहीं करते. 108 एंबुलेंस भी सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण में नहीं है. यह ऑपरेटिंग सिस्टम भोपाल से चलता है. जब तक इनके बारे में कोई शिकायत नहीं होती, हम कुछ नहीं कर सकते.

मरीजों को जबरन निजी अस्पताल ले गए

बीते दिनों जबलपुर में एक डंपर ऑटो के ऊपर पलट गया था. इस घटना में 7 लोग घायल हुए थे. मौके पर पहुंचे कलेक्टर ने 108 एंबुलेंस के जरिए खुद मरीजों को घटनास्थल से मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना करवाया. लेकिन 108 के ड्राइवर मरीजों को निजी अस्पताल लेकर चले गए. इस घटना के बाद 108 एंबुलेंस के एक सुपरवाइजर सहित कुछ ड्राइवर हटाए गए. सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा का कहना है “इस घटना में भी जब पुलिस कार्रवाई की तैयारी हुई तो मरीज के परिजनों ने बयान देने से मना कर दिया था. ऐसी स्थिति में हम एंबुलेंस ड्राइवर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं कर पाए.”

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