खाद की लाइन में खड़े किसान की गई जान पर खाद ना मिला! टीकमगढ़ में केंद्र के चक्कर काटते तोड़ा दम

टीकमगढ़: जिला प्रशासन खाद वितरण को लेकर कितनी ही अपनी पीठ थपथपा ले लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. वास्तव में किसान समय से खाद न मिलने को लेकर परेशान हैं. घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है. प्रशासनिक नाकामी एक बार फिर सामने आई जब टीकमगढ़ में खाद के लिए लाइन में खड़े एक किसान की खड़े-खड़े मौत हो गई.
बजरूआ का रहने वाला था जमुना
गौरतलब है टीकमगढ़ के कारी बजरूआ निवासी 50 वर्षीय किसान जमुना कुशवाहा खाद लेने खाद वितरण केन्द्र बडौरारा घाट पहुंचे थे. खाद लेने के लिए लाइन में खड़े थे इसी दौरान उन्हें चक्कर आया और उल्टियां होने लगी. मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया. जहां इलाज के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया.
किसान तीन दिन से काट रहा था वितरण केन्द्र के चक्कर
किसान के परिजनों ने बताया कि जमुना खाद को लेकर लगातार परेशान थे और तीन दिन से वितरण केन्द्र के लगातार चक्कर लगा रहे थे. लेकिन खाद नहीं मिल पा रहा था. सुबह बिना कुछ खाए पीए खाद लेने घर से निकले थे. आखिरकार खाद उनकी मौत का कारण बन गया.
जिला अस्पताल में हुई मौत
मृतक के छोटे भाई छक्की लाल कुशवाहा ने बताया कि उन्हें खाद लेने गए उनके भाई की तबीयत खराब होने की सूचना दोपहर में मिली थी. अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई. घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
खाद की जगह मिली मौत
मृतक जमुना के बेटे छोटू कुशवाहा ने बताया कि उनके पास केवल एक एकड़ जमीन है. कुछ जमीन बटाई पर ली थी जिसके लिए दो बोरी यूरिया खाद की जरूरत थी. खाद के लिए वह तीन दिन से वितरण केंद्र आ रहे थे. खाद तो उन्हें नहीं मिली लेकिन उसके इंतजार में उनकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम करने वाले डॉ दीपक ओझा ने बताया कि शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में कार्डियक अटैक के संकेत मिले हैं.





