February 12, 2026 8:00 pm
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कुंडली में कमजोर शनि: जीवन पर पड़ता है क्या बुरा प्रभाव? शनिदेव को मजबूत करने के लिए जानें 5 अचूक उपाय, दूर होगी दरिद्रता

 ज्योतिष शास्त्र में शनि देव कर्मफल दाता और न्याय के देवता कहे जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव नवग्रहों में सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं, इसलिए जन्म कुंडली में शनि का मजबूत स्थिति में होना आवश्यक माना जाता है. कहा जाता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में शनि मजबूत होता है, उसको जीवन में सफलता, स्थिरता और संपन्नता मिलती है.

वहीं जन्म कुंडली में शनि के दुर्बल या पीड़ित होने पर जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि जन्म कुंडली में शनि के कमजोर होने से जीवन में क्या-क्या प्रभाव पड़ते हैं? साथ ही जानते हैं जन्म कुंडली में शनि को मजबूत करने के उपाय.

जन्म कुंडली में कमजोर शनि के प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार अगर, किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि दुर्बल हों, नीच राशि में बैठें या शत्रु ग्रहों के साथ बैठें हों, तो जीवन में कई परेशानियां होने लगती हैं. जिसकी जन्म कुंडली में शनि कमजोर होते हैं, उसको जीवन में कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता है. सफलता मिलते-मिलते रुक जाती है. कार्यक्षेत्र में लोगों का सहयोग नहीं मिलता. स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी होती हैं.

अलग-अलग भावों में कमजोर शनि असर

जन्म कुंडली के पहले भाव में जब शनि कमजोर होते हैं, तो जीवन में आर्थिक संकट बढ़ता है. दूसरे भाव में शनि कमजोर होते हैं, तो विवाह और ससुराल से संबंधित तनाव होते हैं. तीसरे भाव में शनि कमजोर होते हैं, तो मानसिक तनाव और वाहन दुर्घटना की संभावना बनती है. चौथे भाव शनि कमजोर होते हैं, तो बुरी आदतें लगती हैं. पांचवें भाव में शनि कमजोर होते हैं, तो 48 साल तक घर न बनाने के लिए कहा जाता है.

जन्म कुंडली के छठे भाव में शनि कमजोर होते हैं, तो लोहे और चमड़े के कारोबार में बाधाएं और शत्रु बढ़ते हैं. सातवें भाव में शनि कमजोर होते हैं, तो वैवाहिक तनाव होते हैं. गलत संबंध बनते हैं. आठवें भाव शनि में कमजोर होते हैं, तो पिता को नुकसान पहुंच सकता है. 11वें भाव में शनि कमजोर हों और साथ में राहु केतु विराजमान हों तो व्यक्ति छल-कपट की ओर आकर्षित होता है.

शनि को मजबूत करने के उपाय

ज्योतिष में शनि अमावस्या और शनिवार को किए गए उपाय बहुत फलदायी होते हैं. पीपल की जड़ में मीठा दूध मिश्रित जल चढ़ाना चाहिए. साथ ही सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. शनिवार को शनि चालीसा, शनि स्तोत्र, हनुमान चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए. जरूरतमंदों को काले कपड़े, काले तिल, उड़द दान करना चाहिए.

पीपल के पेड़ की परिक्रमा करनी चाहिए. शनिवार को शिवलिंग का काले तिल मिले जल से अभिषेक करना चाहिए. चांदी की छोटी गेंद पर्स में रखनी चाहिए. लोहे के कटोरे में उड़द और तेल का दान करना चाहिए. गरीबों की सेवा करनी चाहिए. जीवन में गलत आदतें छोड़ देनी चाहिए. काले घोड़े की नाल या नाव की कील की अंगूठी ज्योतिष की सलाह पर पहन सकते हैं.

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