February 11, 2026 10:51 pm
ब्रेकिंग
Goa Voter List 2026: गोवा की फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को नहीं होगी जारी, चुनाव आयोग ने बदली तारीख सोनम वांगचुक मामला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, रिहाई की मांग का किया विरो... Patna News: घर में मिली हाई कोर्ट की महिला वकील इंदिरा लक्ष्मी की अधजली लाश, मर्डर या सुसाइड की गुत्... Hardeep Puri vs Rahul Gandhi: एपस्टीन से मुलाकात पर हरदीप पुरी की सफाई, राहुल गांधी के आरोपों को बता... Lucknow Crime News: लखनऊ में बुआ-भतीजे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, लव अफेयर या पारिवारिक विवाद; जा... Rohit Shetty Case: रोहित शेट्टी मामले में बड़ा खुलासा, अब MCOCA एंगल से जांच करेगी पुलिस Vande Mataram New Rules: वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें मुस्लिम धर्मगुरुओं और... Bhagalpur Hospital Controversy: मंत्री लेशी सिंह के बीपी चैकअप पर बवाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच क... Delhi News: 'जंगलराज' के आरोपों के बीच गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर ... Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी, 13 स्टेशनों के साथ इन इलाकों की बदलेगी...
छत्तीसगढ़

शहर में भालू फैमिली की दहशत, मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोग घरों में दुबके

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: रिहायशी इलाके में भालुओं के घूमने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है. लोगों का आरोप है कि वन विभाग की टीम भालुओं को रोकने में नाकाम साबित हो रही है. मनेंद्रगढ़ के लोगों का कहना है कि कुल तीन भालू इलाके में रोज आते हैं. एक मादा भालू है और 2 उसके छोटे छोटे बच्चे हैं. भालू फैमिली हर दिन खाना ढूंढते हुए गांव कस्बे तक पहुंच जा रही है. स्थानीय लोगों की मानें तो पिछले कई महीनों से भालुओं का यहां आना जाना लगा है.

शहर में घूम रहे भालू

स्थानीय लोगों में डर का आलम ये है कि लोग सुबह और शाम के वक्त घरों से निकलने से बच रहे हैं. परिवार के लोग अपने बच्चों को भी अकेला नहीं छोड़ रहे. लोगों का कहना है कि कई बार वन विभाग को भालुओं के आने की जानकारी दी गई. बावजूद इसके वन विभाग की टीम भालुओं को जंगल की ओर खदेड़ने में नाकाम साबित हो रही है. बच्चे और बुजुर्गों में सबसे ज्यादा भालुओं को लेकर दहशत है. कई बुजुर्ग तो भालुओं की दहशत के चलते सुबह और शाम के वक्त टहलने तक नहीं निकल रहे. बच्चों को स्कूल छोड़ने वाले परिजन भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं.

वन विभाग पर आरोप

वन विभाग के रेंजर राम सागर कुर्रे ने बताया कि अभी तक भालू ने सिर्फ एक शख्स पर हमला किया है. वन विभाग जरुर ये दावा कर रहा है कि वो भालुओं को भगाने की हर संभव कोशिश कर रहा है. लेकिन वन विभाग की मुस्तैदी पर स्थानीय लोग सवाल खड़े कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर वन विभाग गंभीरता से काम नहीं करता है तो भालू का खतरा और बढ़ता जाएगा. स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग के लोग उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. वन विभाग के अधिकारी मनेंद्रगढ़ में नहीं रहते.

लगातार कटते जंगल से बढ़ी मुसीबत

सबसे ज्यादा मरवाही के जंगलों में भालू हैं. एमसीबी जिले में भी भालुओं की अच्छी खासी संख्या पाई जाती है. लेकिन लगातार कटते वन और जंगल में खाने पीने की कमी के चलते अक्सर जंगली जानवर भोजन पानी की तलाश में शहरों का रुख कर रहे हैं. ये कोई पहला मामला नहीं है जब भालू परिवार ने शहर का रुख किया है. इससे पहले भी कई बार भालू लोगों के घरों तक में घुस चुके हैं.

भालू के हमले से जुड़ी घटनाएं

  • 10 दिसंबर 2025: मनेंद्रगढ़ के वनवासी कन्या छात्रावास में भालू घुस गया. भालू ने यहां एक शख्स को जख्मी कर दिया.
  • 1 दिसंबर 2025: अबूझमाड़ के हरबेल गांव में भालू के हमले में आदिवासी महिला गंभीर रुप से जख्मी हो गई.
  • 24 नवंबर 2025:मनेंद्रगढ़ में मादा भालू अपने 2 शावकों के साथ गांव के करीब पहुंची.
  • 24 नवंबर 2025: बलरामपुर के शंकरगढ़ जंगल में महिला पर भालू ने किया हमला.
  • 7 नवंबर 2025: बीजापुर में सर्चिंग पर निकले जवान पर भालू ने किया हमला.
  • 11 सितंबर 2025:मनेंद्रगढ़ और बिहारपुर में भालुओं गर्भवती सहित दो महिलाओं पर किया हमला.

Related Articles

Back to top button