February 22, 2026 9:22 pm
ब्रेकिंग
Calcutta High Court Decision: कलकत्ता हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बीमारी के अलावा नहीं मिलेगी छुट्टी, जज... Trump Resort Intrusion: डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश, सीक्रेट सर्विस ने 20 साल के सं... Business News: होली फेस्टिवल पर इकोनॉमी में उछाल: 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठेंगे कारोबा... पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र ... Digital Arrest Awareness: PM मोदी का देश को संदेश, डिजिटल अरेस्ट के फ्रॉड से कैसे बचें? जानें बैंक अ... Security Alert: 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा, पाकिस्तान-बांग्लादेश से जुड़े तार, कई शहरों... मेरठ वालों की बल्ले-बल्ले! पीएम मोदी ने शुरू की मेरठ मेट्रो, अब दिल्ली पहुंचने में लगेगा एक घंटे से ... Maharashtra Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के ... Crime News: गले पर चाकू और बेटी पर छोड़ा कुत्ता, मां को बचाने थाने पहुंची मासूम बच्ची; पुलिस ने ऐसे ... बड़ी खबर: अदालत के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कड़ा एक्शन, पुलिस ने शुरू की घटनास्...
छत्तीसगढ़

बीजापुर में छात्रावास में रहे रहे 2 बच्चों की इलाज के दौरान मौत, पहली घटना आवापल्ली पोटाकेबिन की दूसरी गुंडम हॉस्टल की

बीजापुर: नक्सल प्रभावित इलाकों में बच्चों को बेहतर शिक्षा की सुविधा देने के लिए पोटाकेबिन और आश्रम की शुरुआत सरकार ने की है. लेकिन अब यही पोटाकेबिन और आश्रम अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं. सोमवार को 2 अलग अलग घटनाओं में 2 छात्रों की मौत हो गई. दोनों छात्र हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते थे. दोनों बच्चों की मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हुई है. दोनों मृतक बच्चों के परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने से उनकी मौत हुई. दोनों बच्चों की मौत से परिजन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में गुस्सा है. लोगों का आरोप है कि अगर समय पर उनको इलाज के लिए भर्ती किया जाता तो उनकी जान नहीं जाती.

छात्रावास में पढ़ने वाले 2 छात्रों की मौत

पहली घटना आवापल्ली के पोर्टाकेबिन आश्रम से जुड़ी है, जहां छठीं कक्षा में पढ़ रही 12 वर्षीय छात्रा मनीषा सेमला की इलाज के दौरान मौत हो गई. मनीषा ग्राम गुंडम निवासी भीमा सेमला की बेटी थी. छात्रा पोटा आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रही थी. परिवार वालों का कहना है कि पोटाकेबिन की ओर से उनको बताया गया कि छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे प्राथमिक उपचार के लिए आवापल्ली अस्पताल ले जाया गया. लेकिन छात्रा की तबीयत और बिगड़ती चली गई, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में आवापल्ली के चिकित्सकों ने बीजापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया.

आवापल्ली अस्पताल के डॉक्टर और स्टॉफ किसी भी बात को नहीं बता रहे थे. हमें शक है कि बच्ची का इलाज बराबर नहीं किया जा रहा था. मैं एक दिन पहले ही बीजापुर अस्पताल ले जाने के लिए बोला था लेकिन स्टॉफ और अधीक्षक दोनों नहीं माने: समईया, मृतक छात्रा मनीषा के पिता

आश्रम प्रबंधन पर गंभीर आरोप

जिला अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद ही छात्रा मनीषा सेमला ने दम तोड़ दिया. घटना के बाद परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आश्रम प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. तर्रेम जनपद सदस्य मनोज अवलम ने कहा कि यदि छात्रा को समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलती और उसकी नियमित स्वास्थ्य जांच होती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी.

बच्ची को समय पर इलाज नहीं मिला जिससे उसकी मौत हो गई. आश्रम प्रबंधन की ये घोर लापरवाही है. बेहतर स्वास्थ्य सुविधा बच्ची को समय पर मुहैया नहीं कराया गया. बच्चों की नियमति रुप से आश्रम में जांच भी होती तो मर्ज पहले ही पकड़ में आ जाता: मनोज अवलम, जनपद सदस्य, तर्रेम

निष्पक्ष जांच की मांग परिजनों ने की

मृतक छात्रों के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी ने बताया कि जब छात्रा को जिला अस्पताल लाया गया, तब उसके चेहरे पर सूजन थी, हीमोग्लोबिन मात्र 4 ग्राम पाया गया और उसे सांस लेने में भारी परेशानी हो रही थी.

छात्रा को जब अस्पताल लाया गया तो उसे सांस लेने में भारी दिक्कत हो रही थी. हमने तत्काल कुछ मेडिकल टेस्ट किए. जांच रिपोर्ट में बच्ची का हेमोग्लोबिन मात्र 4 ग्राम पाया गया: डॉ. बी.आर. पुजारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी ने बताया कि ”ऑक्सीजन सैचुरेशन भी काफी कम था. छात्रा को एक दिन पहले ही जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था, लेकिन समय पर यहां नहीं लाया गया. यदि उसे पहले लाया जाता, तो खून चढ़ाकर उसका इलाज संभव था”.

डेंगू से बच्चे की मौत

दूसरी घटना बीजापुर जिले के गुंडम छात्रावास की है. यहां रह रहे ताड़मेड गांव के छात्र की भी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. छात्र शनिवार से अस्पताल में भर्ती था. डॉक्टरों के अनुसार उसकी मौत डेंगू के कारण हुई है. इस घटना की जानकारी मिलते ही छात्रावास प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. दोनों घटनाओं के बाद जिले में छात्रावासों में रह रहे बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा, नियमित मेडिकल जांच, स्वच्छता और समय पर इलाज की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है.

Related Articles

Back to top button