अवैध धान भंडारण पर फिर एक्शन, बेमेतरा में जिला प्रशासन ने मारा छापा, गोडाउन सील

बेमेतरा: जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण को लेकर जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है. धान खरीदी की नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर पिंकी मनहर के नेतृत्व में खाद्य एवं मंडी की टीम ने बीती रात अवैध धान भंडारण को लेकर ग्राम मुलमुला में कार्रवाई की. यहां फुटकर व्यापारी के गोदाम से 350 बोरी अवैध धान जब्त किया गया है.
फुटकर व्यापारी का गोदाम सील: सूचना के आधार ग्राम मुलमुला फुटकर व्यापारी भोलाराम देवांगन के गोडाउन में जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापा मारा था. जहां मौके पर उपस्थित कल्लू देवांगन और उनके छोटे बेटे रामानंद देवांगन की ओर से सहयोग नहीं मिलने की भी बात सामने आई. जिला प्रशासन की उन्होंने गोडाउन की चाबी नहीं दी, ऐसे में उनके गोडाउन को सील किया गया है.
वैध दस्तावेज नहीं मिले: व्यापारी भोलाराम देवांगन से टीम ने टेलीफोनिक संपर्क किया तो उसने बताया कि गोडाउन के भीतर लगभग 350 बोरी धान भंडारण करके रखा गया है. हालांकि इसके संबंध में किसी भी प्रकार का वैद्य दस्तावेज नहीं दिखाया गया. इसके बाद गोदाम को सील कर धान भंडारण को लेकर जब्ती की कार्रवाई की गई है. मौके पर जिला खाद्य अधिकारी ओंकार सिंह ठाकुर, नोडल सहकारी बैंक राजेंद्र वारे, नायब तहसीलदार जयंत पटले एवं मंडी विभाग की टीम उपस्थित रही.
जिले में 2025 में 19,483 बोरा धान जब्त: बेमेतरा जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब तक जिलेभर में 19 हजार 483 बोरा (कट्टा) धान जब्त किया गया है. इसकी कुल मात्रा 7 हजार 791 क्विंटल और अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 1 करोड़ 77 लाख रुपए है. यह कार्रवाई जिले में अवैध धान खरीदी, भंडारण एवं परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए की गई है.
थोक व्यापारी, कोचिए और अंतर्राज्यीय नेटवर्क पर शिकंजा: जिला प्रशासन की जांच में यह सामने आया कि कुछ थोक व्यापारी एवं कोचिए किसानों से अवैध रूप से धान की खरीदी कर रहे थे. वहीं कुछ मामलों में धान को अंतर्राज्यीय सीमा पार ले जाने का प्रयास भी किया गया. इससे शासन की खरीदी व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता था.
बेमेतरा जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से की जा रही है. अवैध खरीदी के कारण किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ नहीं मिल पाता, सरकारी खरीदी व्यवस्था प्रभावित होती है, कालाबाजारी एवं जमाखोरी को बढ़ावा मिलता है.





