नए साल के जश्न से पहले अलर्ट मोड पर फायर ब्रिगेड, बार–क्लब की बढ़ी निगरानी

रांची: पूरे झारखंड में नए साल के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं. रांची में भी रेस्तरां, क्लब, पब और होटलों में भव्य न्यू ईयर सेलिब्रेशन की व्यवस्थाएं की जा रही हैं. लेकिन इस बार रंग-रोशनी के जश्न के बीच सुरक्षा को लेकर प्रशासन और अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क हैं. सभी दमकल वाहनों को आवश्यक साजो-सामान के साथ तैयार कर लिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
जांच के साथ तैयारी पूरी
हाल ही में गोवा में हुए भीषण नाइटक्लब अग्निकांड के बाद रांची जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर फायर सेफ्टी मानकों की सख्त जांच शुरू की है. प्रशासन ने शहर के करीब 100 लाइसेंसी बार और दर्जनों डिस्को क्लबों की सूची तैयार की है, जहां नए साल की रात बड़ी भीड़ जुटने की संभावना है.
अग्निशमन विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर केवल एक ही निकास द्वार (एग्जिट गेट) पाया गया है, जो आपात स्थिति में खतरा बढ़ा सकता है. ऐसे प्रतिष्ठानों को विशेष निगरानी सूची में शामिल किया गया है, ताकि संभावित हादसे से पहले सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जा सके.
स्टेट फायर ऑफिसर, झारखंड जितेंद्र तिवारी ने बताया, “पिछले वर्ष जनजागरूकता कार्यक्रमों के कारण आगजनी की घटनाओं में कमी आई थी. इस बार भी अगर लोग थोड़ी सावधानी बरतें, जैसे विद्युत उपकरणों का सही उपयोग और आपातकालीन रास्तों को खुला रखना, तो दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है.” उन्होंने कहा कि विभाग 24×7 अलर्ट मोड में है और जिला प्रशासन के साथ समन्वय से लगातार जांच अभियान चला रहा है.
पूरे झारखंड में विभाग अलर्ट
रांची के अलावा राज्य के अन्य शहरों जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में भी होटल, बार और क्लबों में फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच की गई है. जहां आवश्यक सुधार नहीं मिले, वहां नोटिस जारी किए जा रहे हैं.
अग्निशमन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी स्थान पर ओवरक्राउडिंग, शॉर्ट सर्किट या गैस लीकेज जैसी स्थिति दिखने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 101 पर सूचना दें.
अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता और सावधानी ही आगजनी जैसे हादसों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है. वहीं, नियमों की अनदेखी करने वालों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी अनहोनी की संभावना न रहे. अब जबकि राज्य भर में नए साल का जश्न मनाने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, सुरक्षा व्यवस्था पर पूरा फोकस है.





