February 12, 2026 1:15 am
ब्रेकिंग
Goa Voter List 2026: गोवा की फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को नहीं होगी जारी, चुनाव आयोग ने बदली तारीख सोनम वांगचुक मामला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, रिहाई की मांग का किया विरो... Patna News: घर में मिली हाई कोर्ट की महिला वकील इंदिरा लक्ष्मी की अधजली लाश, मर्डर या सुसाइड की गुत्... Hardeep Puri vs Rahul Gandhi: एपस्टीन से मुलाकात पर हरदीप पुरी की सफाई, राहुल गांधी के आरोपों को बता... Lucknow Crime News: लखनऊ में बुआ-भतीजे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, लव अफेयर या पारिवारिक विवाद; जा... Rohit Shetty Case: रोहित शेट्टी मामले में बड़ा खुलासा, अब MCOCA एंगल से जांच करेगी पुलिस Vande Mataram New Rules: वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें मुस्लिम धर्मगुरुओं और... Bhagalpur Hospital Controversy: मंत्री लेशी सिंह के बीपी चैकअप पर बवाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच क... Delhi News: 'जंगलराज' के आरोपों के बीच गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर ... Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी, 13 स्टेशनों के साथ इन इलाकों की बदलेगी...
दिल्ली/NCR

दिल्ली के प्रदूषण पर CM रेखा का अजीबोगरीब बयान: ‘मुझे ये समस्याएं दहेज में मिली हैं’, विपक्ष ने घेरा

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के लिए वायु प्रदूषण कितना बड़ा मुद्दा है, यह किसी से छिपा नहीं है. उन्होंने कहा, “दिल्ली की कई पुरानी समस्याएं हमें दहेज में मिली हैं, चाहे वह कूड़े के पहाड़ हों, टूटी हुई सड़कें हों या प्रदूषण की स्थिति. 11 साल वाली सरकार आई और चली गई, 15 साल वाली सरकार भी आई-गई, लेकिन समस्याएं वहीं की वहीं रहीं.

रेखा ने कहा कि जरा याद कीजिए, पिछली सरकारों ने प्रदूषण के लिए क्या किया था? बस एक ऑड-ईवन और उससे भी क्या फर्क पड़ा? उनकी रणनीति यही थी कि लोगों को इतनी परेशानी में डाल दो कि वे असल समस्या पर सवाल ही न उठा पाएं.

पिछली सरकारों पर लगाए आरोप

ऑड-ईवन पर सवाल उठाते हुए रेखा गुप्ता ने पूछा, “याद है, कितनी दिक्कत होती थी? कैसे जाएंगे काम पर, क्या करें? क्या जनता को तकलीफ में डालकर, आपातकाल जैसे हालात बनाकर समस्या का समाधान होता है?”

वह यहीं नहीं रुकी, उन्होंने आगे कहा कि जब भी दिल्ली में बारिश आती थी, हर अखबार और मीडिया में वॉटर लॉगिंग की खबरें छपी रहती थीं. मिंटो ब्रिज पर पानी भरना तो जैसे हर साल की कहानी थी. लेकिन इस बार क्या हुआ? क्या वहां पानी जमा हुआ? आईटीओ पर हुआ?.

सरकार बनते ही हमने किया काम शुरू

रेख गुप्ता ने कहा कि फरवरी में हमारी सरकार बनी. सरकार बनते ही गर्मी से बचाव की तैयारियां शुरू कर दीं गई. हीटवेव से लेकर पानी की कमी तक. फिर बारिश आई तो वॉटर लॉगिंग पर काम किया. यह 40 साल पुरानी लेगेसी प्रॉब्लम थी, जिस पर किसी ने हाथ तक नहीं लगाया था.

उन्होंने आगे कहा कि कभी-कभी लगता है कि कुछ अखबारों में पेड कैंपेन चल रहे हैं. हम सब कुछ बंद भी कर दें, तो भी वे कहेंगे ही, आखिर रोजगार कहां से आएगा? अगर अभियान चलाना ही है तो सकारात्मक अभियान चलाइए. जनता के साथ मिलकर समाधान की ओर बढ़िए.

सरकार एक मां की तरह होती है- रेखा

रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार एक मां की तरह होती है. उसे हर नागरिक का ख्याल रखना होता है और हम इसी भावना से दिल्ली को बेहतर, साफ और सुरक्षित बनाने का काम कर रहे हैं. क्लाउड सीडिंग की कोशिश की गई, लेकिन वह दिल्ली में सफल नहीं हो पाई. वैज्ञानिकों ने इसकी सलाह दी थी, इसलिए हमने प्रयास किया.

उन्होंने कहा कि लेकिन विपक्ष के पास तो करने के लिए कुछ काम ही नहीं है. उनके पास सिर्फ आरोप लगाने के अलावा कुछ बचा नहीं, इसलिए आज वे बेरोजगार जैसे हो गए हैं.

आम आदमी की हर योजना पर कराना पड़ा CAG

रेखा ने कहा कि दिल्ली में एक लाख से अधिक बुक्ड प्रॉपर्टीज़ थीं और पहले नियम यह था कि इन्हें बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाता था. ऐसे में लोग मजबूरी में चोरी करते थे या जुगाड़ से कनेक्शन लेते थे. हमारी सरकार ने जब इन घरों को बिजली देने का निर्णय लिया, तो पहले से बैठे लोगों के पेट में दर्द शुरू हो गया. क्योंकि उन्हें लगा कि हमने इस काम का श्रेय ले लिया. अगर आपको करना था, तो आपके पास 11 साल थे, तब क्यों नहीं किया?

उन्होंने आगे कहा कि आपकी हर योजना पर CAG लगानी पड़ा, स्कूल हों, अस्पताल हों या प्रदूषण—हर जगह जवाब मांगा जा रहा है. आदरणीय केजरीवाल साहब तो गायब हो गए लापता हैं. LOP भी गायब है और बस एक झुनझुना सौंप दिया गया है, जो सौरभ भारद्वाज के हाथ में पकड़ा दिया गया है. अब वही बजाते रहें, हम क्या करें? मैं तो हैरान हूं कि समझदार लोगों ने उनके 11 साल कैसे झेले.

प्रदूषण के कई कारण

रेखा गुप्ता में प्रदूषण के कारणों के बारे में बात करते हुए कहा कि प्रदूषण के और भी कई कारण हैं. कूड़ा और लकड़ी का जलना उनमें प्रमुख है. पूरी रात कूड़ा जलता रहता है, एक ही रात में दिल्ली के हजारों स्थानों पर आग लगती है. झुग्गियों में कच्चे चूल्हों पर खाना बनाया जाता है, उससे भी भारी मात्रा में धुआं उठता है.

उन्होंने आगे कहा कि इसलिए हमने तय किया है कि इस समस्या का समाधान छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर, चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. साथ ही बताया की 2026 तक दिल्ली की 100 फीसद बसें इलेक्ट्रिक होंगी.

Related Articles

Back to top button