April 4, 2026 3:58 am
ब्रेकिंग
एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा लिखित, निर्देशित और अभिनीत बहुप्रतीक्षित शॉर्ट फिल्म "ख़ौफ़ - द डिजिटल व... पुडुचेरी में पीएम मोदी का 'शक्ति प्रदर्शन'! फूलों की बारिश और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंजा शह... नारी शक्ति वंदन बिल में इतनी 'जल्दबाजी' क्यों? चुनावी मास्टरस्ट्रोक या कोई बड़ा बदलाव; पर्दे के पीछे... क्या BJP में शामिल होने वाले हैं राघव चड्ढा? आतिशी की 'रहस्यमयी मुस्कान' ने बढ़ा दी सियासी हलचल! छोटी बहन का खौफनाक 'डेथ प्लान'! प्रेमी के साथ मिलकर बड़ी बहन के आशिक को उतारा मौत के घाट; चाकू से गो... Meerut Crime: फौजी पति की हत्या के पीछे निकली अपनी ही पत्नी, प्रेमी के साथ मिलकर रचा था मौत का तांडव Noida Weather Update: नोएडा में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश ने दी दस्तक; किसानों के चेहरे पर छाई ... AAP में खलबली! राघव चड्ढा के समर्थन में उतरे भगवंत मान; बोले— "जेल और जांच से नहीं डरते केजरीवाल के ... नोएडा की सड़कों पर 'मौत' का पहरा! आवारा कुत्तों ने पूर्व अधिकारी को बुरी तरह नोंचा; लहूलुहान हालत मे... बंगाल चुनाव में 'सुरक्षा' पर संग्राम! TMC से जुड़े लोगों के साथ 2100 पुलिसकर्मी तैनात; चुनाव आयोग ने...
विदेश

खामेनेई के अपमान या बेबसी का गुस्सा? तस्वीरों से सिगरेट जलाकर ईरानी महिलाएं दे रही हैं ‘अंतिम चेतावनी

ईरान की सड़कों पर गुस्सा और बगावत खुलकर नजर आ रही है. देशभर में फैले व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बीच हालात पर काबू पाने के लिए सरकार ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और प्रदर्शनकारियों पर सख्ती और तेज कर दी गई है. इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें ऐतिहासिक कहा जा रहा है.

ऐतिहासिक इसलिए, क्योंकि जिस ईरान में महिलाओं पर पर्दे और सख्त सामाजिक पाबंदियां लागू हैं, उसी देश में महिलाएं खुलेआम ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की जली हुई तस्वीरों से सिगरेट जलाती दिखाई दे रही हैं. हालांकि, इन वायरल तस्वीरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

महिलाएं ऐसा क्यों कर रही हैं?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, कथित तौर पर तेहरान और अन्य शहरों से हैं. इनमें महिलाएं खामेनेई की तस्वीरें जला रही हैं, उनसे सिगरेट सुलगा रही हैं और कई जगहों पर हिजाब को आग के हवाले कर रही हैं. इस विरोध के पीछे दो अहम बातें हैं.

पहली, ईरान में सर्वोच्च नेता की तस्वीर जलाना एक गंभीर अपराध माना जाता है. दूसरी, महिलाओं का खुलेआम सिगरेट पीना सामाजिक तौर पर लंबे समय से हतोत्साहित या सीमित किया जाता रहा है. इन दोनों कामों को एक साथ करके महिलाएं न सिर्फ सरकार की ताकत को चुनौती दे रही हैं, बल्कि उन सामाजिक नियमों को भी ठुकरा रही हैं जो दशकों से उन पर थोपे गए हैं.

महसा अमीनी आंदोलन से जुड़ी कड़ी

इस तरह का विरोध 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए आंदोलन की याद दिलाता है. महसा को कथित तौर पर हिजाब नियमों के उल्लंघन में हिरासत में लिया गया था, जहां उसकी मौत हो गई. उसी वक्त से महिलाओं के नेतृत्व में असंतोष की एक नई लहर ईरान में उठी थी, जो अब और ज्यादा उग्र रूप लेती दिख रही है.

ईरान में प्रदर्शनों की आग कैसे भड़की?

ईरान में विरोध-प्रदर्शन की शुरुआत दिसंबर के अंत में हुई थी. पहले मुद्दा था महंगाई, खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें और रिकॉर्ड तोड़ महंगाई दर. लेकिन धीरे-धीरे ये प्रदर्शन सरकार और पूरे धार्मिक शासन के खिलाफ खुली बगावत में बदल गए. ईरानी अधिकारियों ने देशभर में इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश बताया है.

Related Articles

Back to top button