April 3, 2026 6:49 pm
ब्रेकिंग
LPG संकट ने याद दिलाए 'मिट्टी के चूल्हे'! रांची के बाजारों में मिट्टी और लकड़ी के चूल्हों की भारी मा... Ranchi LPG Crisis: राजधानी में रसोई गैस के लिए हाहाकार! एजेंसी के बाहर प्रदर्शन और सड़क जाम; प्रशासन... झारखंड में जनगणना पर 'महाभारत'! पहले ही चरण में केंद्र और राज्य में ठनी; वादाखिलाफी का बड़ा आरोप रांची पुलिस का 'क्विक रिस्पॉन्स' अवतार! हाई-टेक मॉनिटरिंग से अपराध पर लगाम; अब बच नहीं पाएंगे अपराधी Dhanbad Jail Inspection: जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने किया धनबाद जेल का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लि... मच्छरदानी और गैस सिलेंडर! खूंटी में रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर; रातभर पहरे के बाद भी नहीं मिली ... Palamu Encounter: बस स्टैंड हत्याकांड के आरोपी और पुलिस के बीच भिड़ंत, जवाबी फायरिंग में अपराधी घायल तेजस्वी यादव का 'मिशन झारखंड'! कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रांची दौरा; 5 अप्रैल को फूकेंग... झारखंड का महुआ अब बनेगा 'इंटरनेशनल ब्रांड'! फूड ग्रेन उत्पादन शुरू, दुनिया भर के बाजारों में मचेगी ध... लाखों का बजट और चौपाटी बनी पार्किंग! कोरिया के शिवपुर चरचा में सरकारी पैसे की बर्बादी का 'लाइव' नजार...
दिल्ली/NCR

उमर खालिद पर सुनवाई में दिल्ली पुलिस का चौंकाने वाला दावा! ‘डॉक्टर-इंजीनियर भी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल’, कोर्ट में हुआ खुलासा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उमर खालिद, शरजील इमाम सहित अन्य आरोपियों द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की. इस दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से ASG एसवी राजू ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया. सुनवाई के दौरान ये भी कहा गया कि आजकल यह चलन बन गया है कि डॉक्टर, इंजीनियर अपने पेशे का काम नहीं कर रहे हैं बल्कि देश विरोधी कामों में शामिल हो रहे हैं.

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ को बताया कि सुनवाई में देरी आरोपियों की वजह से हुई है और वे इसका फ़ायदा नहीं उठा सकते. राजू ने नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ़ इमाम के भड़काऊ भाषण के वीडियो शीर्ष अदालत में दिखाए.

‘ये कोई आम प्रदर्शन नहीं, हिंसक प्रदर्शन’

वीडियो में इमाम को फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों से पहले 2019 और 2020 में चाखंड, जामिया, अलीगढ़ और आसनसोल में भाषण देते हुए देखा गया. अधिवक्ता ने कहा कि इमाम इंजीनियरिंग स्नातक है. उन्होंने कहा, आजकल यह चलन बन गया है कि डॉक्टर, इंजीनियर अपने पेशे का काम नहीं कर रहे हैं बल्कि देश विरोधी कामों में शामिल हो रहे हैं. राजू ने कहा, यह कोई सरल प्रदर्शन नहीं है, ये हिंसक प्रदर्शन हैं. वे बंद की बात कर रहे हैं.

इस मौके पर न्यायमूर्ति कुमार ने पूछा कि क्या भाषण आरोपपत्र का हिस्सा थे, जिसका राजू ने हां में जवाब दिया. खालिद, इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर और रहमान पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत 2020 के दंगों के मास्टरमाइंड होने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था. दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से ज़्यादा घायल हो गए थे.

आरोपी खुद जिम्मेदार

सुनवाई के दौरान ASG ने कोर्ट को बताया कि ट्रायल कोर्ट में हो रही देरी के लिए खुद आरोपी पक्ष ज़िम्मेदार हैं. उन्होंने शीर्ष अदालत को उन पहले के आदेशों का हवाला दिया, जिनमें यह दर्ज है कि कई मौकों पर बचाव पक्ष के वकील आरोप तय करने संबंधी दलीलों के दौरान पेश ही नहीं हुए. दिल्ली पुलिस का तर्क है कि ऐसे हालात में जमानत देना उचित नहीं होगा, क्योंकि मुकदमे की प्रक्रिया में देरी का कारण स्वयं आरोपी हैं.

Related Articles

Back to top button