February 23, 2026 9:29 am
ब्रेकिंग
Calcutta High Court Decision: कलकत्ता हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बीमारी के अलावा नहीं मिलेगी छुट्टी, जज... Trump Resort Intrusion: डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश, सीक्रेट सर्विस ने 20 साल के सं... Business News: होली फेस्टिवल पर इकोनॉमी में उछाल: 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठेंगे कारोबा... पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र ... Digital Arrest Awareness: PM मोदी का देश को संदेश, डिजिटल अरेस्ट के फ्रॉड से कैसे बचें? जानें बैंक अ... Security Alert: 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा, पाकिस्तान-बांग्लादेश से जुड़े तार, कई शहरों... मेरठ वालों की बल्ले-बल्ले! पीएम मोदी ने शुरू की मेरठ मेट्रो, अब दिल्ली पहुंचने में लगेगा एक घंटे से ... Maharashtra Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के ... Crime News: गले पर चाकू और बेटी पर छोड़ा कुत्ता, मां को बचाने थाने पहुंची मासूम बच्ची; पुलिस ने ऐसे ... बड़ी खबर: अदालत के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कड़ा एक्शन, पुलिस ने शुरू की घटनास्...
मध्यप्रदेश

योग शिक्षक ने बदला युवाओं के जीनव का नजरिया, 20 साल से सिखा रहे हैं योग

बुरहानपुर: भारत में हर वर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन पूरे देशभर के निजी व सरकारी स्कूलों में बच्चों को सामूहिक सूर्य नमस्कार और योगाभ्यास कराया जाता है. बुरहानपुर के सरकारी शिक्षक संजय राठौड़ पिछले 20 सालों से स्कूलों में बच्चों को सूर्य नमस्कार और योग सिखा रहे हैं. वे अपनी नौकरी से फुर्सत पाने के बाद गांव के युवाओं को भी योग से जोड़ रहे हैं.

युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था. वे युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं. उनके विचारों से युवाओं को अवगत कराने के लिए हर साल 12 जनवरी को युवा दिवस मनाया जाता है. इन्हीं विचारों को युवाओं तक पहुंचाने के लिए संजय राठौड़ भी पूरी निष्ठा के साथ पिछले 2 दशक से युवाओं को योग सिखा रहे हैं. वे स्कूल में बच्चों को योग कराते हैं, जिससे बच्चों को स्वस्थ और निरोगी रहने में मदद मिलती हैं.

हजारों स्टूडेंट्स के जीवन में बोए योग के बीज

साल 2005 में ​संजय राठौड़ ने योगाभ्यास कराने की पहल शुरू की थी. उन्होंने खड़कोद गांव स्थित श्रीराम गुरुकुल आश्रम से योगाभ्यास सिखाना शुरू किया. यहां वे प्रधानाचार्य के रूप में अपनी सेवा दी और आश्रम में हजारों विद्यार्थियों के जीवन में योग के बीज बोए. गुरुकुल के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी योग कला का प्रदर्शन कर रहे हैं.

पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को कराते हैं योग

साल 2013 से उन्हें सरकारी शिक्षक के रूप में जिम्मेदारी मिली, जहां वे अंग्रेजी पढ़ाते थे. उन्होंने अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार किया और बच्चों को योग भी सिखाने लगे. शिक्षक संजय राठौड़ के पास योगाभ्यास के अनुभव के साथ-साथ देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार से योग में 1 वर्षीय डिप्लोमा डिग्री भी है. जब भी किसी संस्था से निमंत्रण आता हैं, तो वे इस काम को भी बखूबी निभाते हैं.

योगाभ्यास के बाद शुरू कराते हैं पढ़ाई

संजय राठौड़ बताते हैं कि “जब भी किसी स्कूल में योग व सूर्य नमस्कार सिखाने का बुलावा आता है. मैं सरकारी नौकरी से फुर्सत निकालकर तुरंत पहुंच जाता हूं. योग के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ और निरोगी रहने में मदद मिलती है. मैं तुरक गुराडा के सरकारी मिडिल स्कूल में पूरे साल हर दिन बच्चों को योगाभ्यास कराता हूं. इस स्कूल में बच्चों को रोजाना योगाभ्यास के बाद पढ़ाई शुरू कराते हैं.”

Related Articles

Back to top button