Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
बढ़ती एलपीजी कीमतों के बीच लोकप्रिय हुआ 5 किलो का 'छोटू' सिलेंडर, बिना पक्के एड्रेस प्रूफ के मिलेगा ... गूगल अर्थ का नया AI फीचर 1 दिन में ही वापस! फेक सैटेलाइट तस्वीरों और विवाद के बाद गूगल का बड़ा फैसला अमरनाथ से भी कठिन श्रीखंड महादेव यात्रा 2026 अगले आदेश तक स्थगित: खराब मौसम के कारण प्रशासन का बड़ा ... चाय के साथ खाएं मखाने से बने ये 4 टेस्टी और हेल्दी स्नैक्स: स्वाद में नंबर 1, सेहत के लिए फायदेमंद मध्य प्रदेश में नापतौल की ठगी पर नकेल कसने की तैयारी, घटतौली और पेट्रोल चोरी पर लगेगा 1 लाख का जुर्म... मंदसौर में खेतों के बीच चल रही थी MD ड्रग्स की फैक्ट्री: पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर भागे तस्कर, 3... मुरैना में अवैध पत्थर मंडी पर पुलिस का बड़ा शिकंजा: 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, भगदड़ में पलटी ट्रॉलियां... बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक

दिल्ली ऑटो फेस्टिवल को राहत: हाईकोर्ट ने प्रदूषण की दलील नकारी, सुनवाई से इनकार की जानें बड़ी वजह

दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एस्टेट (फेज III) में स्थित NSIC एग्जीबिशन ग्राउंड में 17 जनवरी से “बर्नआउट सिटी इंडिया” इवेंट होना है. इस इवेंट में बाजार में आने वाली कई कार और बाइक की प्रदर्शनी देखने को मिलेगी. बताया जा रहा है कि इस इवेंट के खिलाफ हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. जिस पर गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है.

दरअसल, यह “बर्नआउट सिटी इंडिया” इवेंट एक ऑटोमोटिव और लाइफस्टाइल फेस्टिवल है, जिसमें बड़ी गाड़ियों का शोकेस, ड्रिफ्ट और स्टंट जोन और म्यूजिक इवेंट शामिल हैं. याचिका में बर्नआउट सिटी इंडिया इवेंट से दिल्ली एयर पॉल्यूशन बढ़ने का दावा किया गया था. याचिकाकर्ता का कहना था कि तय इवेंट GRAP नॉर्म्स का उल्लंघन है, और इससे हवा और नॉइज पॉल्यूशन पर असर पड़ेगा. साथ ही याचिका में कहा गया था कि पेट्रोल और डीजल जैसे गाड़ियों के ईंधन के ज्यादा इस्तेमाल से आस-पास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब होने की संभावना है. ऐसे में इस इवेंट को रद्द कर देना चाहिए.

कोर्ट ने कहा- याचिका सिर्फ अंदाजों पर आधारित

गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि याचिका सिर्फ अंदाजों पर आधारित है, और दावों के पक्ष में साइंटिफिक डेटा का अभाव है. याचिका का निपटारा करते हुए, कोर्ट ने कहा कि याचिका में जरूरी डेटा या जानकारी नहीं है जिसके आधार पर वह इस नतीजे पर नहीं पहुंच पाए कि तय इवेंट से हवा की क्वालिटी पर असर पड़ने या नॉइज पॉल्यूशन होने की संभावना है. यह जनहित याचिका वकील हेमंत जैन और एक दूसरे व्यक्ति ने फाइल की थी.

कोई साइंटिफिक कारण है या सिर्फ अंदाजा है?

सुनवाई के दौरान, हेमंत जैन ने खुद पेश होकर दलील दी कि इस इवेंट में स्टंट और दूसरी एक्टिविटीज से उस इलाके में प्रदूषण का PM लेवल 2.5 से बढ़कर 10 होने का खतरा है. इस पर, कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या ऐसा आरोप लगाने का कोई साइंटिफिक कारण है या यह उनका सिर्फ अंदाजा है? इस पर याचिकाकर्ता वकील ने कोई वैज्ञानिक कारण नहीं बताया, लेकिन उन्होंने कहा कि इवेंट में इस्तेमाल की गई कारें बहुत अच्छी तरह से ट्यून और मॉडिफाइड हैं. कोर्ट ने वकील से कहा कि क्या इस बात के समर्थन में कोई असली डेटा है? यह याचिका आपके अंदाजे पर आधारित लगती है.

परमिशन किसी भी पब्लिक डोमेन पर अपलोड नहीं

कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या इवेंट किसी अथॉरिटी की परमिशन से ऑर्गनाइज किया जा रहा है. इस पर, याचिकाकर्ता ने कहा कि इवेंट के लिए कोई परमिशन किसी भी पब्लिक डोमेन पर अपलोड नहीं की गई है. दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की तरफ से पेश वकील ने कहा कि इवेंट के लिए कोई परमिशन नहीं दी गई थी और यह लोकल नगरपालिका या जमीन के मालिक की जिम्मेदारी हो सकती है. इस पर, कोर्ट ने कहा कि चूंकि अगर इवेंट की इजाजत दी जाती है, तो यह GRAP नॉर्म्स का उल्लंघन करेगा, इसलिए दिल्ली और आस-पास के इलाकों में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) संबंधित अथॉरिटी होगी, जिससे याचिकाकर्ता ने संपर्क नहीं किया था.

याचिकाकर्ता को DM के पास जाने के निर्देश

कोर्ट ने कहा कि कोई साइंटिफिक बेसिस नहीं दिया गया है, सिर्फ अंदाजा लगाया गया है क्योंकि एक खास समय में, ऐसी गाड़ी ज्यादा पेट्रोल खर्च करती है, बस. क्या यही वो आधार हैं जिन पर कोर्ट आगे बढ़ती है? हम आपसे डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पास जाने के लिए कहेंगे और वह इस पर विचार करेंगे. यह देखते हुए कि याचिकाकर्ता पहले ही DM समेत कई अथॉरिटीज के सामने अपना मामला पेश कर चुके हैं, कोर्ट ने यह निर्देश देते हुए मामला बंद कर दिया कि दावों के मेरिट में जाए बिना, हम रिक्वेस्ट करते हैं कि संबंधित DM उठाई गई शिकायतों, खासकर याचिका में बताई गई शिकायतों पर गौर करें. DM को कानून के तहत जरूरी एक्शन लेने का निर्देश दिया जाता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.