February 24, 2026 11:39 am
ब्रेकिंग
Weather Update: दिल्ली-NCR में बढ़ा तापमान, यूपी-बिहार समेत 10 राज्यों में गर्मी का अलर्ट Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन...
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी, प्रदेशभर के सहकारी समिति कर्मचारी हड़ताल पर

दुर्ग: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने वाली है, लेकिन उससे पहले ही प्रदेशभर के सहकारी समिति कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं. एक ओर सरकार धान खरीदी की तैयारी में जुटी हुई है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है.

दुर्ग के मानस भवन के पास संभाग स्तर के हजारों कर्मचारी इकट्ठे होकर प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि उनकी समस्याओं पर समय रहते ध्यान दिया गया होता, तो उन्हें सड़कों पर उतरने की नौबत नहीं आती. उनका आरोप है कि धान खरीदी के बाद उठाव में देरी होती है, लेकिन जिम्मेदारी समिति कर्मचारियों पर डाल दी जाती है. साथ ही उन्हें वेतन भी बहुत कम मिलता है.

सहकारी समिति खैरागढ़ के जिला अध्यक्ष यशवंत ने कर्मचारियों की चार प्रमुख मांगों के बारे में बताया.

प्रदर्शनकारी समिति कर्मचारियों की मांग:

  • सभी कर्मचारियों को नियमित वेतन और 12 माह का भुगतान
  • धान खरीदी नीति 2024-25 की कंडिका 11.3.3 में आउटसोर्सिंग से नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर्स को नियमित किया जाए
  • धान खरीदी वर्ष 2023-24 और 2024-25 की सूखत राशि समितियों को दी जाए
  • सेवा नियम 2018 में संशोधन कर भविष्य निधि, ईएसआईसी, महंगाई भत्ता और सीधी भर्ती में प्राथमिकता, परिवहन में देरी न हो और शून्य शॉर्टेज पर प्रोत्साहन राशि दी जाए

जिलाध्यक्ष ममता साहू ने कहा कि उनकी चार सूत्रीय मांग है. इससे पहले भी दो बार आंदोलन कर चुके हैं. ममता साहू ने कहा कि जब तक सरकार कैबिनेट में स्थायी बजट का प्रावधान नहीं करती और सभी समितियों को 3 रुपए प्रति लाख वार्षिक प्रबंधकीय अनुदान नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

सरकार कर रही समिति कर्मचारियों की मांगों पर विचार: दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि समिति कर्मचारियों की कुछ मांगें राज्य स्तर की हैं और उन पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इसका समाधान निकालने की दिशा में सरकार निर्णय लेगी, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया प्रभावित न हो.

Related Articles

Back to top button