February 23, 2026 1:51 pm
ब्रेकिंग
Bharat Taxi Business Model: अमित शाह का बड़ा ऐलान, सिर्फ ₹500 के निवेश से भारत टैक्सी में मिलेगी हिस... रेप केस की FIR पर भड़के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद: बोले- 'BJP पर भरोसा नहीं, दूसरे राज्य की पुलिस... Calcutta High Court Decision: कलकत्ता हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बीमारी के अलावा नहीं मिलेगी छुट्टी, जज... Trump Resort Intrusion: डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश, सीक्रेट सर्विस ने 20 साल के सं... Business News: होली फेस्टिवल पर इकोनॉमी में उछाल: 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठेंगे कारोबा... पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र ... Digital Arrest Awareness: PM मोदी का देश को संदेश, डिजिटल अरेस्ट के फ्रॉड से कैसे बचें? जानें बैंक अ... Security Alert: 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा, पाकिस्तान-बांग्लादेश से जुड़े तार, कई शहरों... मेरठ वालों की बल्ले-बल्ले! पीएम मोदी ने शुरू की मेरठ मेट्रो, अब दिल्ली पहुंचने में लगेगा एक घंटे से ... Maharashtra Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के ...
उत्तरप्रदेश

राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह का बड़ा आरोप: ‘दबाव में मेरा और बेटियों का नाम वोटर लिस्ट से कटवाया’, सीएम योगी को लिखा खुला पत्र

उत्तर प्रदेश की कुंडा विधानसभा सीट से विधायक राजा भैया और उनकी पत्नी के बीच विवाद चल रहा है. यह मामला इस समय कोर्ट में है और सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों इ मामले को 4 महीने के भीतर खत्म करने का आदेश दिया था. अब भानवी सिंह ने अपने पति राजा भैया पर एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट से जानबूझकर नाम कटवाने का आरोप लगाया है.

भानवी कुमारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित खुला पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उनका और उनकी दो बेटियों राघवी कुमारी और विजय राजेश्वरी कुमारी का नाम जानबूझकर दबाव में मतदाता सूची से काट दिया गया है. इसके साथ ही भानवी ने उनका और बच्चियों का दोबारा नाम जोड़ने की अपील की है.

भानवी सिंह ने अपने पत्र में क्या लिखा?

माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी/चुनाव आयोग मुख्यमंत्री आपने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कहा था कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से नहीं कटेगा. इसी भरोसे के साथ आज मैं यह खुला पत्र लिख रही हूं, क्योंकि आपके इस कथन के बावजूद मेरा और मेरी दो बेटियों, राघवी कुमारी एवं विजयराजेश्वरी कुमारी का नाम दबाव में अधिकारियों द्वारा जानबूझकर मतदाता सूची से काट दिया गया है. यह ऐसा निर्णय है जो खुली आँखों से दिखने वाला पक्षपात प्रतीत होता है.

भाानवी ने सीएम योगी से कई मांगें भी की हैं. उन्होंने लिखा कि मैं स्पष्ट रूप से तथ्यों को आपके संज्ञान में रखना चाहती हूं

  1. मेरा नाम SIR के बाद वर्ष 2003 की मतदाता सूची में विधिवत दर्ज था. सभी प्रमाण संलग्न कर रही हूं.
  2. वर्ष 2025 की मतदाता सूची में भी मेरा नाम मौजूद था.
  3. इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना, बिना आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिए, मेरा (भानवी कुमारी) और मेरी बेटियों राघवी और विजय राजेश्वरी) का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया.
  4. इस पूरी प्रक्रिया में न तो पारदर्शिता का पालन किया गया, न ही विधिसम्मत सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई.

भानवी ने आगे कहा कि यह सर्वविदित है कि मैं भदरी, बेंती परिवार की बहू हूं. रघुराज प्रताप सिंह मेरे पति हैं और पारिवारिक विवाद के बावजूद मेरा और मेरी बेटियों का परिवार और घर सामाजिक, कानूनी हर दृष्टि से, बेंती कुंडा प्रतापगढ़ ही है. मैं और मेरी बेटियां यहां की स्थायी निवासी और मतदाता रही हैं. इसके बावजूद हमारे लोकतांत्रिक अधिकार को छीनने का यह प्रयास न केवल पीड़ादायक है, बल्कि चिंताजनक भी है.

भानवी ने पूछे सीएम योगी से सवाल

भानवी सिंह ने कहा कि मेरा सवाल सीधा और स्पष्ट है.जब आपने स्वयं कहा था कि किसी का नाम नहीं कटेगा, तो अधिकारी किसकी शह पर इस तरह का मनमाना काम कर रहे हैं?

क्या यह खुला पक्षपात नहीं है?

क्या एक ही परिवार में पुरुषों का नाम सुरक्षित रखते हुए महिलाओं का नाम काटा जाना न्यायसंगत है? यदि इसी प्रकार मतदाता सूची बनाई जाएगी, तो क्या हम एक निष्पक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था की उम्मीद कर सकते हैं?

क्या लोकतंत्र उन अधिकारियों के भरोसे छोड़ा जा सकता है जो जमीनी सच्चाई के बजाय पक्षपात, दबाव या मनमाने निर्णय के आधार पर यह तय करें कि कौन मतदाता है और कौन नहीं? मुख्यमंत्री और माननीय चुनाव आयुक्त कृपया आप प्रतापगढ़ में किसी भी व्यक्ति से पूछ लें हर कोई बताएगा कि यह एक स्पष्ट अन्याय है, जिसे समझने के लिए किसी जांच की भी आवश्यकता नहीं है.

चुनाव आयोग और सीएम योगी से भानवी की मांग

  • राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल मेरे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के लिए न किया जाये मेरा एवं मेरी बेटियों का नाम तत्काल प्रभाव से मतदाता सूची में पुनः जोड़ा जाए.
  • यह स्पष्ट किया जाए कि किस अधिकारी द्वारा और किस आधार पर , किसके दबाव में हमारा नाम काटा गया.
  • संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक के साथ ऐसा अन्याय न हो.

यह पत्र केवल मेरे परिवार की पीड़ा नहीं है, बल्कि यह सवाल है कि क्या इस देश में नागरिक का मताधिकार सुरक्षित है या नहीं? मैं और मेरी बेटियां आज भी अपने अधिकार की प्रतीक्षा में हैं और इस देश का लोकतंत्र भी इंतज़ार कर रहा हैं. पत्र में कहा गया है कि यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं बल्कि मताधिकार की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है.

Related Articles

Back to top button