February 11, 2026 9:01 pm
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मध्यप्रदेश

कैलाश विजयवर्गीय का तीखा वार: ‘पिता PWD मंत्री और बच्चों को कपड़े दिला रहा ठेकेदार’, जानें किसके लिए कहा?

इंदौर: अपने तरह-तरह के बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने देश की शिक्षा नीति पर सवाल खड़े किए हैं. साथ ही बच्चों को चरित्रवान बनाने पर जोर दिया है. मंत्री विजयवर्गीय ने कहा आज के दौर में पिता यदि पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर है और उसके बच्चों को कपड़े दिलाने ठेकेदार लेकर जाएगा, तो फिर चरित्र की बात करना बेमानी है.

‘उच्च शिक्षा से तो गुरुकुल की शिक्षा ज्यादा अच्छी’

इंदौर के वैष्णव विश्वविद्यालय में आयोजित ज्ञान सभा के में शामिल होने कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे थे. जहां शिक्षा के विषय पर बात करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि वर्तमान उच्च शिक्षा से तो गुरुकुल की शिक्षा ज्यादा अच्छी थी, क्योंकि वहां सभी बच्चों को एक जैसी शिक्षा दी जाती थी. गुरुकुल में बच्चों का चरित्र निर्माण होता था, लेकिन आज के समय में बच्चा 4 घंटे स्कूल में रहता है, जबकि 20 घंटे घर पर रहता है.

‘स्कूल एजुकेशन में संभव है बच्चों का चरित्र निर्माण’

घर पर यदि उसके माता-पिता बच्चों के सामने ही शराब पार्टी करें तो फिर स्कूल के 4 घंटे का कोई मतलब नहीं रह जाता. इसलिए बच्चों के स्कूली सिलेबस के साथ अब पेरेंट्स के लिए भी सिलेबस होना चाहिए. जिसमें उन्हें नसीहत दी जा सके कि बच्चों के साथ घर में उनका व्यवहार कैसा हो. उन्होंने देश की शिक्षा नीति पर सवाल उठाते हुए कहा बच्चों में चरित्र निर्माण स्कूल एजुकेशन के दौरान ही संभव है, क्योंकि कॉलेज में तो बच्चा काफी कुछ जानने समझने लगता है, इसलिए शिक्षा नीति कैसी भी बना दो, उसका कोई मतलब नहीं.

कैलाश विजयवर्गीय का शिक्षा नीति पर सवाल

यदि पिता पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर हो और सड़क बनाने वाला ठेकेदार मंत्री के बच्चे को कपड़े दिलाने ले जाए, तो फिर चरित्र कहां से आएगा. उन्होंने कहा आज के दौर में कोई भी संगठन या संस्थान ऐसा नहीं है, जहां बच्चों का चरित्र निर्माण किया जा रहा हो. कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा नीति में बदलाव करने से अच्छा है कि परिवार में बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, जो आज के दौर में किसी भी शिक्षा नीति और उच्च शिक्षा की तुलना में सबसे ज्यादा जरूरी है. इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मनमोहन वैद्य, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के डॉ अतुल कोठारी सहित कई लोग मौजूद रहे.

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