February 20, 2026 8:49 am
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महाराष्ट्र

मालेगांव ब्लास्ट: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने बताया आखिर क्यों किया गया था उन्हें टॉर्चर?

2008 के मालेगांव बम विस्फोट के मामले में बरी हो जाने के बाद साध्वी प्रज्ञा का एक और बयान सामने आया है. साध्वी प्रज्ञा ने दावा किया कि मुझे बड़े नेताओं के नाम लेने के लिए मजबूर किया गया. साध्वी ने बताया कि इन नेताओं में पीएम मोदी, योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत सहित कई नेता शामिल है. जब मैंने इनका नाम नहीं लिया तो मुझे प्रताड़ित किया गया.

बता दें कि गुरुवार को मामले से बरी किए जाने के बाद साध्वी प्रज्ञा कोर्ट में भावुक हो गई थीं. उन्होंने कोर्ट में रोते हुए कहा था कि मुझे इस मामले को लेकर बहुत प्रताड़ित किया. उन्होंने कहा कि संन्यासी जीवन जीने के बावजूद मुझे बहुत अपमान सहना पड़ा. यहां तक कि मुझे आतंकवादी भी घोषित कर दिया गया. साध्वी ने कहा कि इस मामले में सिर्फ भगवा को कलंकित किया गया.

मोदी और योगी का नाम लेने पर किया मजबूर

साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान में बताया कि मुझे बड़े नेताओं के नाम लेने के लिए मजबूर किया गया. लेकिन मैंने उन लोगों में से किसी के नाम नहीं लिया, जिन्हें वे लोग झूठा फंसाना चाहते थे. उन्होंने कहा कि मैंने वैसा काम नहीं किया, जैसा वह करवाने चाहते थे. इसलिए उन्होंने मुझे प्रताड़ित किया. साध्वी ने नामों का जिक्र करते हुए कहा कि इन नामों में विशेष रूप से मोहन भागवत, राम माधव, पीएम मोदी, योगी आदित्यनाथ, इंद्रेश कुमार और अन्य नेता शामिल थे.

यहां देखे वीडियो:

भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हो गए

2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में एनआईए कोर्ट बरी हो जाने पर बीजेपी नेता साध्वी प्रज्ञा ने विपक्षियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हुए हैं. समाज और देश ने उन्हें करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा सुनाया गया फैसला उन लोगों को के मुंह पर तमाचा हैं, जिन्होंने भगवा आतंकवाद और हिंदू आतंकवाद का का नारा दिया था. बीजेपी नेता ने कहा कि महाराष्ट्र के पृथ्वीराज चव्हाण ने सनातन आतंकवाद, हिंदुत्व आतंकवाद पर बात की है. उन्होंने कहा कि वे एक ही श्रेणी के लोग हैं. वे सभी कांग्रेस के ही सदस्य हैं.

दरअसल, महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितम्बर 2008 मस्जिद के पास खड़ी एक मोटरसाइकिल में बम ब्लास्ट हुआ था. इस भयावह घटना में 6 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे. इस मामले में मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा को ठहराया गया था. अक्टूबर 2008 में साध्वी प्रज्ञा को गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी. गुरुवार को कोर्ट ने फैसला सुनाते समय इस मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया.

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