Safer Internet Day: साइबर ठगी से बचने के 5 अचूक तरीके, AI का इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानियां

बलौदाबाजार: 10 फरवरी 2026 को सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर एनआईसी जिला इकाई, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा कलेक्टोरेट के प्रगति सभा कक्ष में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों को इंटरनेट के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना था. कार्यक्रम में कलेक्टर दीपक सोनी, डीएफओ गणवीर धम्मशील सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे.
डिजिटल युग में सतर्क रहने की जरूरत
आज सरकारी काम, बैंकिंग, पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाएं और संचार का बड़ा हिस्सा इंटरनेट पर निर्भर है. ऐसे में छोटी-सी गलती भी बड़ा नुकसान कर सकती है. इसी वजह से लोगों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक करना जरूरी है. यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें. समय पर शिकायत करने से नुकसान कम हो सकता है.
इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग और वित्तीय लेनदेन में सावधानी
संयुक्त निदेशक (आईटी) सत्यनारायण प्रधान ने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों से लोगों को ठग रहे हैं. इसके लिए उन्होंने कई सलाह भी दी. साथ ही डिजिटल पेमेंट और इंटरनेट बैंकिंग के बढ़ते उपयोग को देखते हुए वित्तीय सुरक्षा पर भी जोर दिया गया.
इंटरनेट उपयोग और डिजिटल पेमेंट के समय क्या रखें सावधानी जानिए-
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें
- संदिग्ध ईमेल और मैसेज से सावधान रहें
- बिना जांचे कोई एप डाउनलोड न करें
- अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें
- केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का उपयोग करें
- पब्लिक वाई-फाई पर लेनदेन न करें
- पासवर्ड और पिन नियमित रूप से बदलें
- ओटीपी और सीवीवी नंबर किसी से साझा न करें
- साइबर धोखाधड़ी की शिकायत कहां करें
- सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल और झूठी खबरों से भी सावधान रहने को कहा गया.
AI- फायदे भी, खतरे भी
कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी चर्चा हुई. बताया गया कि एआई से काम आसान और तेज हुआ है. सरकारी कामकाज में भी यह मददगार साबित हो रहा है. लेकिन डीपफेक वीडियो, फर्जी ऑडियो और डेटा चोरी जैसे खतरे भी बढ़ रहे हैं.
AI प्लेटफॉर्म पर क्या शेयर ना करें-
- आधार नंबर
- बैंक डिटेल
- पासवर्ड
- सरकारी दस्तावेज
- कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा न करें
सेफर इंटरनेट डे 2026 की शपथ
कार्यक्रम में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग की शपथ दिलाई गई. साथ ही जागरूकता वीडियो भी दिखाए गए, जिससे साइबर सुरक्षा की बेहतर समझ मिल सके. कार्यक्रम में प्रश्न-उत्तर सत्र रखा गया, जिसमें पासवर्ड सुरक्षा, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया हैकिंग से जुड़े सवालों के जवाब दिए गए.
खुद सुरक्षित इंटरनेट का उपयोग करें और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करें. साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है.- कलेक्टर दीपक सोनी
यह कार्यक्रम डिजिटल युग में जागरूकता की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ. इंटरनेट जहां विकास का माध्यम है, वहीं लापरवाही इसे खतरे में बदल सकती है. इसलिए सुरक्षित, सतर्क और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनना समय की जरूरत है.





