Jalandhar RTO Office: जालंधर आरटीओ दफ्तर में भारी हंगामा, अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

जालंधर : जालंधर बस स्टैंड स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। स्थानीय लोगों ने दफ्तर में अव्यवस्था, पक्षपात और एजेंटों के बढ़ते प्रभाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। नागरिकों का कहना है कि आम लोगों को अपने काम के लिए कई-कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि कुछ लोगों के काम प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में दफ्तर के एक कर्मचारी पर जान-पहचान वालों को अंदर भेजने और लाइन में लगे लोगों की अनदेखी करने के आरोप लगाए गए हैं। वीडियो के बाद लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। कुछ आवेदकों ने बताया कि वे नेशनल परमिट और अन्य दस्तावेजों से जुड़े मामलों को लेकर कई दिनों से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें ई-मेल या अन्य माध्यम से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। एक व्यक्ति ने कहा कि उसका काम सिर्फ विभागीय पुष्टि पर निर्भर है, परंतु संबंधित अधिकारी से जवाब न मिलने के कारण फाइल लंबित पड़ी है। अन्य लोगों ने भी आरसी और लाइसेंस से जुड़े कार्यों में देरी की शिकायत की। उनका आरोप है कि एजेंटों की मौजूदगी के कारण आम नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
व्यक्ति ने चपरासी पर लाइन में खड़े लोगों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। एक और व्यक्ति ने कहा कि वह पिछले 7 दिनों से घूम रहा है। उसका दावा है कि उसके नेशनल परमिट टिकट के बारे में ईमेल का जवाब नहीं दिया गया है। व्यक्ति ने कहा कि उसने एक महीने पहले टिकट का इंतज़ाम किया था और इस मामले को लेकर पिछले 7 दिनों से RTO ऑफिस के चक्कर लगा रहा है।
पीड़ित ने बताया कि टिकट में क्या दिक्कत है, इसका जवाब RTO ऑफिस की मैडम मनीष को ई-मेल से देना चाहिए, लेकिन उन्होंने पिछले 7 दिनों से कोई जवाब नहीं दिया है। उसने कहा कि अगर मैडम टिकट का जवाब दे दें तो उसकी दिक्कत हल हो जाएगी। परमिंदर सिंह ने बताया कि वह कई दिनों से चक्कर लगा रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालांकि, इन आरोपों पर विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नागरिकों ने प्रशासन से मामले की जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।





