February 20, 2026 8:45 am
ब्रेकिंग
Election Commission: दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड समेत 23 राज्यों में कब लागू होगा SIR? चुनाव आयोग ने ... India-UAE Relations: AI समिट के बहाने भारत-यूएई रिश्तों को नई रफ्तार, पीएम मोदी से मिले क्राउन प्रिं... Delhi Politics: दिल्ली की जनता को फिर याद आए अरविंद केजरीवाल! आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार की कार्... Bihar Politics: राज्यसभा की 5 सीटों के लिए बिछी सियासी बिसात, पांचवीं सीट के लिए ओवैसी (AIMIM) बनेंग... Atal Canteen: गरीबों को भरपेट भोजन देने का संकल्प! दिल्ली के कृष्णा नगर से 25 नई 'अटल कैंटीनों' का भ... Vaishno Devi to Shiv Khori: मां वैष्णो देवी से शिवखोड़ी की यात्रा हुई आसान, हेलीकॉप्टर से सिर्फ 20 म... Indian Army: LoC पर घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, राजौरी में आतंकियों का मददगार गिरफ्तार; सेना का 'डबल... BJP Leader Threat: लॉरेंस गैंग का खौफ! बीजेपी नेता को दी विधायक से 2 करोड़ की रंगदारी वसूलने की सुपा... Bomb Threat: दिल्ली-NCR के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी! आज फिर आईं कई फेक कॉल्स, जांच एजेंसियों ... CAA Case: नागरिकता कानून पर सुप्रीम कोर्ट में 5 मई से शुरू होगी निर्णायक सुनवाई, 200 से ज्यादा याचिक...
उत्तरप्रदेश

प्रेम का अनूठा अंत: पत्नी के निधन के बाद बुजुर्ग पति ने तोड़ा दम, जिंदगी भर का साथ अंतिम संस्कार तक चला

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के गरौठा में शनिवार के दिन ऐसी घटना घटी कि पूरे शहर में भावनाओं का सैलाब आ गया. नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी और वरिष्ठ व्यापारी राम रतन गुप्ता (75 वर्ष) की पत्नी रामदेवी गुप्ता (70 वर्ष) का निधन हो गया. पत्नी के निधन के बाद राम रतन गम में चले गए और उनकी तबीयत बिगड़ गई. पत्नी के निधन के कुछ ही घंटों के अंदर राम रतन ने भी दुनिया छोड़ दी. पति-पत्नी की मौत के बाद पूरा शहर भावुक है.

कहा जाता है कि ‘सच्चा प्यार वही, जो जन्मों-जन्मों तक साथ निभाए’ और इस दंपति ने इस कहावत को हकीकत में बदल दिया. रामदेवी गुप्ता की तबीयत शनिवार सुबह अचानक बिगड़ गई और उन्होंने अंतिम सांस ली. बेटा बाहर होने के कारण परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में था. इसी बीच, पत्नी के वियोग में टूटे हुए राम रतन गुप्ता की तबीयत भी बिगड़ने लगी. कुछ ही घंटों में उन्होंने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया.

एक साथ जलीं दो चिताएं

गरौठा नगर ने पहली बार ऐसा दृश्य देखा जब पति-पत्नी की दो चिताएं एक साथ जलीं. बेटों ने दोनों को एक साथ मुखाग्नि दी. पूरा नगर इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठा. हर आंख नम थी, हर दिल सिसक उठा. राम रतन गुप्ता का जीवन समाज सेवा और धर्म के प्रति समर्पित रहा. उन्होंने लगभग 60 साल पहले राठ (हमीरपुर) के पराशन गांव से आकर गरौठा में अपना बसेरा बनाया. छोटी सी दुकान से शुरुआत की और मेहनत व ईमानदारी से बड़ा नाम कमाया.

नगरवासियों का कहना है कि राम रतन और उनकी धर्मपत्नी ने सात जन्मों के वचन को सच्चे अर्थों में निभाया. उनके प्रेम और समर्पण की मिसाल सदियों तक याद की जाएगी. गरौठा की जनता ने कहा कि ऐसे लोग विरले ही जन्म लेते हैं.

MP के टीकमगढ़ में भी हुई ऐसी घटना

कुछ साल पहले टीकमगढ़ जिले के खरगापुर कस्बे में भी एक ऐसा ही हृदयविदारक मामला सामने आया था. जब एक बुजुर्ग दंपति ने एक-दूसरे के बिछोह में अपने प्राण त्याग दिए थे. 78 साल के रामप्रसाद शर्मा की पत्नी सावित्री देवी का निधन हुआ था. उन्होंने अंतिम संस्कार तक का इंतजार नहीं किया. बताया जाता है कि पत्नी के पार्थिव शरीर के पास बैठकर वे लगातार बोल रहे थे, ‘अब मैं कैसे जिऊं…’ इसी दौरान वह अचानक गिर पड़े. डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि उनका भी निधन हो गया था.

Related Articles

Back to top button