February 22, 2026 7:43 am
ब्रेकिंग
Rahul Gandhi on US Tariff Ruling: टैरिफ पर अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी का पीएम मोदी पर... Assam Demography Change: अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा हमला: धुबरी और नागांव में बदली डेमोग्राफी, पूछा... गजब का धोखा! इंदौर के वकील साहब जिसे 'साला' समझकर घर लाए, वो निकला पत्नी का बॉयफ्रेंड; ऐसे खुला चौंक... IAS अधिकारी की बढ़ी मुश्किलें! दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के अफसर को किया तलब, गुरुओं के अपमान के आरोपो... PM मोदी की मेरठ यात्रा से पहले बड़ी साजिश? बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा मांगने का आरोप, विधायक ने जता... Rajasthan Cyber Cell Alert: ऑनलाइन गेम के जरिए आतंकी भर्ती का खुलासा; राजस्थान साइबर सेल की माता-पित... श्रीनगर में सेना की गाड़ी के साथ बड़ा हादसा! अनियंत्रित होकर नहर में गिरा CRPF का बुलेटप्रूफ वाहन, 9... सियासी घमासान: अर्धनग्न प्रदर्शन पर CM रेखा के बिगड़े बोल! कांग्रेस ने याद दिलाया गांधी का त्याग, सि... Janakpuri Road Accident News: दिल्ली के जनकपुरी में सड़क हादसे में बच्ची की मौत, समय पर मदद न मिलने ...
छत्तीसगढ़

चुगली की तो कटेगी जेब! अब इधर-उधर की बातें की तो देना होगा भारी जुर्माना, जानें इस अनोखे फैसले के पीछे की वजह

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मेढ़की गांव है. यहां आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए गांववालों ने एक अनोखा फैसला लिया है. गांव में चुगली करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. अगर कोई ग्रामीण ऐसा करता पाया गया तो उसे 5,001 रुपये जुर्माना देना होगा. यह निर्णय गांववालों ने एक बैठक में आपसी सहमति से ली है.

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से गांव का वातावरण खराब हो रहा था. छोटी-छोटी बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने से आपसी संबंधों में कड़वाहट बढ़ रही थी. इससे गांव में तनाव का माहौल बन गया था और कई बार विवाद की स्थिति भी पैदा हो जाती थी. इन परिस्थितियों को देखते हुए गांववालों ने सामूहिक रूप से ऐसा निर्णय लिया.

शराब पीकर हंगामा करने पर भी लगेगा जुर्माना

बैठक में यह भी तय किया गया कि गांव में होने वाले किसी भी सामाजिक या धार्मिक भोज में यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर पहुंचता है और हंगामा करता है, तो उसके खिलाफ भी 5,001 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. ग्रामीणों का मानना है कि नशे की हालत में लोग अक्सर दूसरों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं, जिससे विवाद बढ़ता है.

गांव के धनराज साहू ने कहा कि यह निर्णय किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे गांव के हित में लिया गया है. उनका उद्देश्य चुगली और आपसी भड़काव की प्रवृत्ति को खत्म करना और शांतिपूर्ण वातावरण स्थापित करना है. ग्रामीणों के अनुसार, जब लोग एक-दूसरे की बातों को तोड़-मरोड़कर फैलाते हैं, तो अविश्वास पैदा होता है और सामाजिक रिश्ते कमजोर पड़ते हैं. ऐसे में आर्थिक दंड का प्रावधान एक उपाय के रूप में रखा गया है, ताकि लोग जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें.

क्या बोले गांववाले?

गांव के बुजुर्गों ने भी इस निर्णय का समर्थन किया है. गांव के होरीलाल का कहना है कि पहले के समय में गांवों में आपसी संवाद और विश्वास मजबूत होता था, लेकिन अब चुगली और नशे की वजह से रिश्तों में दरार आ रही है. इसलिए सामूहिक सहमति से लिया गया यह फैसला गांव की एकता और शांति बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस सख्त नियम के बाद गांव में आपसी भाईचारा और सौहार्द फिर से मजबूत होगा और विवादों की घटनाएं कम होंगी.

Related Articles

Back to top button