February 28, 2026 12:57 pm
ब्रेकिंग
जायद सीजन में करें इन 2 दालों की खेती: कम मेहनत में बंपर मुनाफा, मिट्टी भी बनेगी उपजाऊ बोत्सवाना से हजारों किमी सफर कर भारत पहुंचे 8 चीते, कुनो नेशनल पार्क में छोड़े जाएंगेबोत्सवाना से भा... सोम डिस्टिलरीज को झटका: जज ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, केस दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर बाबा महाकाल की शरण में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, बोले- 'दर्शन मात्र से मिटता है अहंकार' Gwalior Budget 2026: ग्वालियर नगर निगम का 2400 करोड़ का बजट पेश, जानें पब्लिक वर्क्स और डॉग शेल्टर प... उज्जैन महाकाल में इस बार नहीं खेल सकेंगे होली, 2 साल पहले लगी आग के बाद सिर्फ हर्बल गुलाल की अनुमति MP News: महज 300 रुपये किलो देसी गाय का शुद्ध घी! रतलाम में मिलावटी घी की खेप जब्त Jabalpur News: ब्लड बैंकों में खून की भारी कमी, युवाओं के समूह निभा रहे सरकार की जिम्मेदारी Anil Saumitra News: SC/ST एक्ट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से अनिल सौमित्र को राहत, केस रद्द MP Assembly News: मध्य प्रदेश के 22 जिलों में सिर्फ 4 शव वाहन, विधानसभा में गूंजा स्वास्थ्य सुविधाओं...
मध्यप्रदेश

बाबा महाकाल की शरण में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, बोले- ‘दर्शन मात्र से मिटता है अहंकार’

उज्जैन: भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे. शनिवार अल सुबह होने वाली भस्म आरती में दर्शन लाभ लिए. जगदीप धनखड़ ने मंदिर में होने वाली भस्म आरती में लगभग डेढ़ से दो घंटे का समय बिताया और मंदिर परिसर में तस्वीरें क्लिक करवाई. उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर शिव साधना की, गर्भ गृह की चौखट से माथा टेक भगवान का आशीर्वाद लिया और अपने दर्शन का अनुभव साझा किया.

जगदीप धनखड़ ने लिया बाबा का आशीर्वाद
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल का धाम लाखों करोड़ों दर्शनार्थियों की आस्था का खास केंद्र है. हर रोज मंदिर में आम दर्शनार्थियों के साथ VIP, VVIP, नेता, अभिनेता, अभिनेत्री, खिलाड़ियों का भी तांता लगा रहता है. उसी क्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मंदिर पहुंचे और भगवान का आशीर्वाद लिया. यहां आकर जगदीप धनखड़ काफी खुश नजर आए. मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने जगदीप धनखड़ का स्वागत एवं सत्कार किया.

मंदिर के रखरखाव से हुए प्रभावित
महाकाल मंदिर में अपना अनुभव शेयर करते हुए जगदीप धनखड़ ने कहा कि, ”भारतवर्ष में सकारात्मक बदलाव आ रहा है और यह सकारात्मक बदलाव हमारी हजारों वर्ष पूर्व की मानसिकता को दर्शाता है. धार्मिक स्थलों का रखरखाव के साथ विकास किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय है. यहां की प्रशासनिक व्यवस्था से में बहुत प्रभावित हुआ हूं. यहां सभी को बराबरी से सम्मान दिया जा रहा है. यह हमारी राष्ट्रीय धरोहर है. मन में बहुत ही साफ सुदृढ छवि यहां से लेकर जा रहा हूं.”

उन्होंने कहा, ”महाकाल मंदिर में दर्शन से मनुष्य में जो भी कमियां है उसे उससे छुटकारा मिल जाता है. अहंकार, अहम और ईर्ष्या का दर्शन लाभ मात्र से ही त्याग हो जाता है. मुझे यहां आकर मन को सुकून मिला है.”

Related Articles

Back to top button