रायपुर: रेलवे स्टेशन में अब बैटरी से चलने वाली कार आ गई है. इससे यहां काम करने वाले कुलियों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा. कुली परिवार चलाने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं. इसी वजह कुली और उनके परिजन सोमवार सुबह प्लेटफार्म नंबर एक पर प्रदर्शन करते दिखे. उनका कहना है कि या तो इस टेंडर को रद्द किया जाए या उन्हें कोई दूसरा रोजगार दिया जाए, नहीं तो परिवार की आर्थिक हालत और खराब होगी.
पहले ही काम प्रभावित: कुली संघ का कहना है कि, रेलवे स्टेशन में एस्केलेटर और लिफ्ट के लग जाने से कुलियों का काम पहले ही कम हो गया है. अब बैटरी कार से तो परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा. आपको बता दें कि राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन में पंजीकृत कुलियों की संख्या लगभग 105 है.
बैटरी कार का लगेगा किराया: दअसल रेलवे ने टेंडर के जरिए बैटरी कार लाई है. ऐसे में कुली संघ ने आरोप लगाते हुए कहा कि, अगर यह यात्रियों की सुविधा के लिए लाए हैं तो टेंडर क्यों निकाला गया, मुफ्त में क्यों नहीं दिया गया. . इस बैटरी चलित कार में प्रति व्यक्ति 50 रुपए और लगेज का 30 रुपए किराया देना होगा. ऐसे में सुविधा क्या हुई.
हमारी रोजी-रोटी बंद हो रही है. इसी काम से हमारा परिवार चलता है. बच्चों का भरण-पोषण और स्कूल की फीस कैसे भरेंगे? हम किराए के मकान में रहते हैं, किराया कैसे देंगे? बैटरी कार आ जाने से हमारे काम पर बड़ा असर पड़ा है.- कुली के परिवार से सीमा यादव
बैटरी चलित कार के खिलाफ अब कुली संघ ने मोर्चा खोल दिया है. उनकी मांग है कि, अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमें दूसरा रोजगार दिया जाए.