BJP के सम्मान समारोह में ‘अपनों’ ने ही फेरा मुंह! जीत के जश्न से गायब रहे धनबाद और हजारीबाग के मेयर; चर्चाओं का बाजार गर्म

रांची: झारखंड में हुए शहरी निकाय चुनाव में जीत हासिल करने वाले भाजपा समर्थित विजयी जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करने के लिए आज रांची में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया.
भाजपा ने तीन मेयरों सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह की उपस्थिति में आयोजित इस सम्मान समारोह में नगर निगम क्षेत्रों से निर्वाचित मेयर, नगर परिषद-नगर पंचायत के अध्यक्ष तथा वार्ड सदस्यों को पार्टी की ओर से सम्मानित किया गया. कांके के बोड़ेया स्थित गीतांजलि बैंकेट हॉल में हुए कार्यक्रम में राज्य के तीन नगर निगम क्षेत्रों रांची, मेदिनीनगर और आदित्यपुर के मेयरों को सम्मानित किया गया.
भाजपा के दो बागी उम्मीदवार, जिन्होंने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़कर मेयर पद जीता था धनबाद के संजीव सिंह और हजारीबाग के अरविंद राणा को भी सम्मान सूची में शामिल किया गया था, लेकिन वे कार्यक्रम में शामिल होने रांची नहीं पहुंचे. हालांकि, बाद में प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि धनबाद के मेयर एवं पूर्व विधायक संजीव सिंह को आमंत्रित नहीं किया गया था, क्योंकि उन्होंने पार्टी द्वारा समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ा था और पार्टी के शो-कॉज नोटिस का जवाब भी नहीं दिया था.
बागी मेयरों ने बनाई दूरी, केवल तीन मेयर हुए शामिल
सम्मान समारोह में कुल पांच मेयरों में से केवल तीन रांची, आदित्यपुर और मेदिनीनगर के मेयर शामिल हुए. धनबाद के नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह और हजारीबाग के मेयर अरविंद राणा ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी. दोनों ने पार्टी समर्थन न मिलने के कारण बागी होकर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी. कार्यक्रम में सबसे पहले निर्वाचित मेयरों, फिर नगर परिषद-नगर पंचायत अध्यक्षों और अंत में वार्ड पार्षदों को सम्मानित किया गया.
रणनीतिक बैठक और सदस्यता ग्रहण
सम्मान समारोह के बाद भाजपा के सभी जिलाध्यक्षों की रणनीतिक बैठक हुई. इसके पश्चात कोडरमा सहित कई जिलों के अलग-अलग दलों के कई नेता भाजपा में शामिल हुए.
नेताओं की मौजूदगी और दावे
कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, विधायक सी.पी. सिंह, नवीन जायसवाल, विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, कांके के पूर्व विधायक समरी लाल, विधायक उज्जवल दास, शोभा यादव, राकेश प्रसाद सहित कई नेता मौजूद रहे. पार्टी की ओर से दावा किया गया कि चुनाव में जीत हासिल करने वाले करीब 400 कार्यकर्ता वार्ड पार्षद बने हैं, जिनमें से 380 से अधिक आज के सम्मान समारोह में उपस्थित थे.
पार्टी नेताओं के बयान
भाजपा एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने कहा कि प्रशासन और सरकार की ओर से तमाम बाधाएं उत्पन्न करने के बावजूद कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की मदद की, जिसके परिणामस्वरूप दलीय आधार पर चुनाव न होने के बावजूद सबसे अधिक संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता मेयर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षद बने.
पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि जनता ने आपको जीत देकर भरोसा जताया है. अब आप पर उम्मीद है कि सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाएंगे, जिससे क्षेत्र का विकास हो और पार्टी का गौरव बढ़े.
राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी तीन नगर निगमों में भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीते हैं. बड़ी संख्या में नगर परिषद और नगर पंचायतों में अध्यक्ष बने तथा कार्यकर्ता वार्ड पार्षद चुने गए. उन्होंने रांची को प्रतिष्ठा की सीट बताते हुए कहा कि डायरेक्ट पैटर्न से लेकर तमाम साजिशों के बावजूद पार्टी की ताकत साबित हुई है.
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं चुनाव जीतकर आई हैं. महिलाएं सशक्त हो रही हैं, जो मोदी जी की इच्छा है. उन्होंने 33% आरक्षण की व्यवस्था का जिक्र किया. उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि कई जगहों पर 50% महिलाएं जीती हैं, अब महिलाओं को पुरुषों के लिए कुर्सी छोड़नी होगी. साहू ने दावा किया कि 387 पार्टी कार्यकर्ता निकाय चुनाव जीते हैं और राज्य में सबसे अधिक प्रत्याशी जीतने वाली पार्टी भाजपा है.





