Dabwali Police Action: डबवाली में नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई, ₹1.32 करोड़ की अवैध प्रॉपर्टी फ्रीज; ड्रग मनी से खड़े किए थे महल

सिरसा: हरियाणा के डबवाली में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आदतन तस्कर की करोड़ों की संपत्ति को निशाने पर लिया है। डबवाली पुलिस ने नशे के कारोबार से अर्जित की गई करीब 83 लाख रुपये की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर दिया है, जिसकी वर्तमान अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 32 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों को अब सिर्फ जेल ही नहीं बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति भी कानून के दायरे में लाकर जब्त की जाएगी।
डबवाली के उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कपिल अहलावत ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर के नेतृत्व में चल रहे नशा विरोधी अभियान के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान सिरसा जिले के गांव रघुआना निवासी प्रगट सिंह उर्फ काका की अवैध संपत्ति को फ्रीज किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने नशा तस्करी के जरिए करोड़ों की संपत्ति खड़ी की थी।
पुलिस के अनुसार आरोपी प्रगट सिंह उर्फ काका लंबे समय से नशा तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज हैं। वर्तमान में वह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत पर चल रहा है। उसके खिलाफ कुल आठ मामले दर्ज हैं, जिनमें चार मामले वाणिज्यिक मात्रा के हैं और चार मामले मध्यम मात्रा के नशा बरामदगी से जुड़े हुए हैं। इन मामलों में कई अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं।
दरअसल 6 फरवरी 2025 को थाना शहर डबवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में सीआईए स्टाफ डबवाली ने मंडी डबवाली क्षेत्र से 190 किलो 200 ग्राम डोडा चूरा पोस्त के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि यह नशा देसूजोधा निवासी इकबाल सिंह उर्फ टीटू के जरिए सप्लाई किया गया था। आगे की जांच में यह खुलासा हुआ कि इकबाल सिंह को यह नशा प्रगट सिंह उर्फ काका ने उपलब्ध कराया था, जिसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की।
मामले की गहन जांच के दौरान थाना शहर डबवाली और प्रॉपर्टी अटैचमेंट सेल ने आरोपी की आय और संपत्तियों की वित्तीय जांच की। एनडीपीएस अधिनियम के अध्याय-VA की धारा 68-F(1) के तहत की गई जांच में पाया गया कि आरोपी की संपत्तियां उसकी वैध आय से कई गुना अधिक हैं और नशा तस्करी से अर्जित की गई हैं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस की ओर से 7 फरवरी 2026 को अवैध संपत्ति फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया, जिसे बाद में सक्षम प्राधिकारी SAFEMA नई दिल्ली ने 6 मार्च 2026 को मंजूरी दे दी। इसके तहत आरोपी की कई संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया है, जिनमें गांव रघुआना में बना पक्का मकान, करीब साढ़े तीन एकड़ कृषि भूमि और एचडीएफसी बैंक की ओढ़ा शाखा में जमा राशि शामिल है।
पुलिस के अनुसार गांव रघुआना में स्थित मकान की अनुमानित कीमत करीब 26 लाख 54 हजार रुपये है, जबकि करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन की वर्तमान कीमत लगभग 1 करोड़ 5 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा आरोपी के बैंक खाते में करीब 1 लाख 14 हजार 879 रुपये की राशि भी फ्रीज की गई है। कुल मिलाकर आरोपी की करीब 83 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब इन संपत्तियों को सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना न तो बेचा जा सकता है और न ही किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित किया जा सकता है। आने वाले समय में इन संपत्तियों को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
डबवाली पुलिस का कहना है कि पिछले आठ महीनों में नशा तस्करों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई भी तेज की गई है। इस अवधि में अब तक सात नशा तस्करों की करीब 2 करोड़ 18 लाख रुपये की अवैध संपत्ति को फ्रीज किया जा चुका है। इनमें देसूजोधा निवासी पलमिंदर सिंह, इकबाल सिंह, जसविंदर सिंह, सुरेंद्र और हरगोविंद के अलावा जगमालवाली निवासी चरणजीत सिंह उर्फ चन्ना जैसे तस्करों की संपत्तियां शामिल हैं।
पुलिस का मानना है कि केवल गिरफ्तारी से नशा तस्करी पूरी तरह खत्म नहीं होती, इसलिए अब तस्करों के आर्थिक ढांचे को भी निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो लोग युवाओं को नशे की लत में धकेलकर अवैध कमाई कर रहे हैं, उन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।





