कनेक्ट बस्तर से इको टूरिज्म की सौगात, छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों को होगा फायदा

बस्तर: छत्तीसगढ़ में पर्यटन की दृष्टि से शुक्रवार का दिन काफी अहम रहा. शहीद गुण्डाधुर कृषि कॉलेज के सभागार में कनेक्ट बस्तर की थीम पर पर्यटन की सुविधा को लेकर काम किया गया. इसके तहत इको टूरिस्ट समिति के लिए 10 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.वन एव पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप ने इसकी शुरुआत की है. कुल दस वाहनों को कई टूरिस्ट स्पॉट पर चलाने का फैसला लिया गया है.
कनेक्ट बस्तर की थीम को बढ़ावा: बस्तर में पर्यटन को बढ़वा देने के लिए कनेक्ट बस्तर की थीम पर 10 वाहनों की व्यवस्था की गई है. जो वन विभाग और कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान के सहयोग से चलाए जाएंगे. इसके तहत टाटामारी से बस्तर जिले के चित्रकोट, नारायणपाल मंदिर, तीरथगढ़, कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान और दंतेवाड़ा जिले के दंतेश्वरी मंदिर तक वाहनों की व्यवस्था की गई है. इसक अलावा बारसूर के मंदिर को एक सर्किट बनाया गया है.
बस्तर के टूरिस्ट सर्किट को होगा फायदा: वन एवं पर्यावरण मंत्री ने बताया कि इस तरह इन इलाकों में आने वाले पर्यटकों को इन दस वाहनों का लाभ मिल सकेगा. वन एवं पर्यावरण मंत्री ने पर्यटन सेक्टर के विकास को बस्तर के लिए अहम बताया है. उन्होंने कहा कि बस्तर के धूड़मारास ने बीते दिनों यूनेस्को में पहचान बनाई है. इसके साथ ही बस्तर के कई ऐसे स्थान हैं जो पर्यटन के तौर पर तेजी से उभर कर पर्यटन मानचित्र पर सामने आ रहा है.
बस्तर में पर्यटन की अपार संभावना है. बस्तर प्राकृतिक रूप से बहुत ही समृद्ध क्षेत्र बस्तर है.केरल राज्य और इजरायल देश से बड़ा यह क्षेत्र है. बस्तर में अनेकों ऐसे स्थल हैं जिन्हें देखा नहीं गया है.देश दुनिया के लोग बस्तर आकर उन क्षेत्रों में जाना चाहते हैं. इस दृष्टि से समूहों को चक्री नीति के माध्यम से समूहों को 10 वाहनों का वितरण किया गया है. इससे पहले मुख्यमंत्री के प्रवास पर 07 वाहने प्रदान किया गया था- केदार कश्यप, वन एवं पर्यावरण मंत्री, छत्तीसगढ़





