March 11, 2026 4:57 pm
ब्रेकिंग
हवाई सफर पर 'महंगाई' की मार! रांची से दिल्ली-मुंबई और बेंगलुरु जाना हुआ 35% महंगा; टिकट बुक करने से ... IIT-ISM के छात्रों का सिनेमाई धमाका! रिलीज हुई फिल्म ‘नुक्कड़ नाटक’; धनबाद के कलाकारों ने पर्दे पर उ... Chhattisgarh Consumer Forum Decision: छत्तीसगढ़ उपभोक्ता आयोग का सख्त रुख, IOCL को देना होगा हर्जाना... Bilaspur Crime News: बिलासपुर में ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, नशे के काले कारोबार का भंडाफ... Chhattisgarh Fuel Update: छत्तीसगढ़ में नहीं होगा तेल और गैस का संकट, सीएम साय ने की समीक्षा; एलपीजी... बस्तर में नक्सलियों का 'महा-सरेंडर'! 3.95 करोड़ के इनामी 108 माओवादी मुख्यधारा में शामिल; डंप से मिल... धमतरी में 'खूनी' रफ्तार का कहर! तरबूज से भरी पिकअप को ट्रक ने मारी भीषण टक्कर; एक की मौके पर मौत, हा... जेल में पुलिस की 'मिडनाइट' स्ट्राइक! बैरकों में छापेमारी देख कैदियों के उड़े होश; वर्दीवालों ने खंगा... CG Assembly News: स्काउट गाइड जंबूरी टेंडर विवाद ने पकड़ा तूल, विपक्ष ने उठाए भ्रष्टाचार के सवाल; सद... छत्तीसगढ़ के 73 लाख परिवारों की बल्ले-बल्ले! मुफ्त चावल के साथ चना-गुड़ पर साय सरकार का बड़ा फैसला; ...
मध्यप्रदेश

15 साल का इंतजार और अब ‘इंकलाब’! बैगा आदिवासियों के सब्र का बांध टूटा; अपनी ही जमीन के पट्टे के लिए दर-दर भटक रहे ‘जंगल के राजा’

मंडला : ग्राम पंचायत किसली भीलवानी में पिछले 15 वर्षों से एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर उनका हक कब मिलेगा? वनाधिकार पट्टा पाने के लिए यहां के लोग वर्षों से सरकारी दफ्तरों की चौखट घिस रहे हैं. कभी वन विभाग के चक्कर लगते हैं, तो कभी राजस्व विभाग के. लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ एक ही जवाब मिलता है कि यह हमारे विभाग का मामला नहीं है. आदिवासियों के वनाधिकार के दावे आज भी फाइलों में कैद हैं.

सरकारी योजनाओं से वंचित आदिवासी

ग्रामीणों का कहना है कि वनाधिकार पट्टा नहीं मिलने की वजह से वे शासन की कई योजनाओं से वंचित हो गए हैं. खेत हैं, मेहनत करते है, लेकिन सरकारी कागजों में अधिकार नहीं है. न उन्हें खाद मिल पा रही है, न बीज और न ही बैंक से ऋण. लगातार आवेदन और गुहार के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो परेशान ग्रामीणों ने कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक को आवेदन सौंपकर लंबित दावों के जल्द निराकरण की मांग की.

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उन्हें उनका अधिकार नहीं मिला तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी. जनपद सदस्य खुजल सिंह का कहना है “आदिवासियों के लिए लंबे-चौड़े दावे करने वाले नेता उनकी समस्या पर गंभीर नहीं हैं.”

इस मामले में कान्हा टाइगर रिजर्व कोर जोन के उपसंचालक प्रकाश कुमार वर्मा का कहना है “वनग्राम से जुड़े वनाधिकार के कुछ मामलों में अभी अधिकार पत्र जारी नहीं हो पाए हैं. इसी कारण ग्रामीणों को खाद और बीज जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है.”

कलेक्टर से मिलकर समस्या का हल निकालेंगे

कान्हा टाइगर रिजर्व कोर जोन के उपसंचालक का कहना है “ग्रामीणों की समस्या को लेकर कलेक्टर को पत्र भेजा जा चुका है. इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए वे स्वयं कलेक्टर से चर्चा करेंगे. साथ ही जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनके बच्चों का नामांतरण भी नहीं हो पाया है, उस पर भी कार्रवाई की जाएगी और विभाग की टीम गांव में जाकर निरीक्षण भी करेगी.”

Related Articles

Back to top button