March 15, 2026 7:19 pm
ब्रेकिंग
Khamenei Death: खामेनेई के निधन पर क्या बोला RSS? 'भारत की परंपरा' का जिक्र कर विरोधियों को दिया जवा... तेलंगाना में सनसनीखेज वारदात! ड्रग्स पार्टी में पकड़े गए सांसद और पूर्व विधायक; छापेमारी के दौरान पु... Greater Noida Crime: नवादा गांव में दो पक्षों के बीच जमकर चले लाठी-डंडे, पुलिस ने 11 को दबोचा; 25 लो... Patna Fraud Case: बेटे को फिल्म स्टार और मां को राज्यपाल बनाने का झांसा देकर लाखों की ठगी, पटना में ... राहुल गांधी का बड़ा दांव! पीएम मोदी को पत्र लिखकर कांशीराम के लिए मांगा 'भारत रत्न'; कहा- बहुजन समाज... ममता बनर्जी का बड़ा मास्टरस्ट्रोक! चुनाव से पहले सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले; मार्च से मिलेगा ... Andhra Pradesh Tragedy: मैकेनिक के कहने पर घर में चालू छोड़ी बाइक, 'साइलेंट किलर' गैस ने ली 4 की जान... Assembly Election 2026 Dates: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा, बंगाल में इतने चरणों में मतद... Google Chrome यूजर्स सावधान! 350 करोड़ लोगों के डेटा पर बड़ा खतरा; गूगल ने जारी किया इमरजेंसी अपडेट,... UP Politics: अखिलेश यादव की देशभक्ति पर केशव मौर्य ने क्यों उठाया सवाल? डिप्टी सीएम के तीखे बयान से ...
उत्तराखंड

Uttarakhand UCC Amendment: उत्तराखंड में UCC सुधार अध्यादेश लागू, लिव-इन और धोखाधड़ी पर नियम हुए और सख्त

उत्तराखंड सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के कई प्रावधानों में सुधार के लिए एक संशोधन अध्यादेश लागू किया.इस अध्यादेश में शादी और लिव-इन रिलेशनशिप में जबरदस्ती करने और धोखाधड़ी जैसे मामलों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने से लेकर लगभग डेढ़ दर्जन बदलाव किए गए हैं. उत्तराखंड यूनिफॉर्म सिविल कोड (संशोधन) अध्यादेश, 2026, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) की मंजूरी मिलने के बाद तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है. राज्य सरकार UCC 2024 में जरूरी संशोधनों के लिए यह अध्यादेश लाई है.

विधवा शब्द को जीवनसाथी में बदलने का प्रावधान

अधिकारियों ने बताया कि लिव-इन रिलेशनशिप खत्म होने पर रजिस्ट्रार ने टर्मिनेशन सर्टिफिकेट जारी करने और विधवा शब्द को जीवनसाथी से बदलने का प्रावधान किया गया. उन्होंने बताया कि अध्यादेश रजिस्ट्रार जनरल को शादी, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप और विरासत से संबंधित रजिस्ट्रेशन रद्द करने का अधिकार देता है. इसके अलावा, आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और दंडात्मक प्रावधानों के लिए भारतीय दंड संहिता, 2023 लागू की गई है.

इसमें यह भी प्रावधान है कि यदि सब-रजिस्ट्रार तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने में असफल रहता है, तो मामले स्वचालित रूप से रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार जनरल को भेज दिए जाएंगे. अध्यादेश सब-रजिस्ट्रार पर लगाए गए जुर्माने के खिलाफ अपील करने का अधिकार देता है और जुर्माने की वसूली भूमि राजस्व के रूप में करने का प्रावधान जोड़ता है. उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का पहला राज्य है, जिसने UCC लागू किया है. इसे 27 जनवरी, 2025 को लागू किया गया था.

UCC लागू होने की आज पहली सालगिरह

अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू होने की पहली सालगिरह मंगलवार को ‘UCC दिवस’ के रूप में मनाई जाएगी. UCC राज्य में 27 जनवरी 2025 को लागू किया गया था. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून में UCC दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में आज शामिल होंगे.

राज्य के गृह सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती और देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों की समीक्षा की. निरीक्षण के बाद गृह सचिव ने कहा कि उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का पहला राज्य है जिसने UCC लागू किया है. उन्होंने कहा कि UCC के लागू होने से सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित हुए हैं और राज्य में एकरूपता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है.

अध्यादेश में क्या-क्या है?

इस बदलाव में सरकार ने उन लोगों के लिए सजा बढ़ाकर सात साल तक कर दी, जो शादीशुदा होने के बावजूद लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं. साथ ही जो लोग जबरन, दबाव या धोखे से रिलेशनशिप में आते हैं, उनके लिए भी ऐसी ही सजा को सख्ती से लागू करने का प्रावधान है. इस अध्यादेश में एक नई धारा 390-A को भी जोड़ा गया है. रजिस्ट्रार जनरल को सेक्शन 12 के तहत शादी, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप या विरासत से जुड़े रजिस्ट्रेशन रद्द करने की शक्तियां दी गई हैं.

राज्य में 2018 में पहले से ही धर्मांतरण विरोधी कानून लागू था, लेकिन सरकार ने 2022 में और फिर 2025 में इसमें संशोधन किया. इस बार जबरन धर्मांतरण के दोषी पाए जाने वाले लोगों के लिए तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की जेल की सजा का प्रस्ताव रखा गया. पहले जबरन धर्मांतरण के लिए अधिकतम जेल की सज़ा 10 साल थी.

Related Articles

Back to top button