March 16, 2026 6:59 pm
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दिल्ली/NCR

दिल्ली में बनेगा AIIMS जैसा ‘सुपर मेडिकल हब’! एक साथ मिलाए जाएंगे 3 बड़े सरकारी अस्पताल; मरीजों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी आधुनिक सुविधाएं

दिल्ली सरकार पूर्वी दिल्ली के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों को मिलाकर, एम्स (All India Institute of Medical Sciences) की तर्ज पर एक इंटीग्रेटेड मेडिकल हब बनाने की योजना बना रही है. इसके साथ ही राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) की तर्ज पर मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (IHBAS) को विकसित करके मानसिक स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे का भी बढ़ाया जाएगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को दिल्ली सचिवालय में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस योजना की घोषणा की.

इस फैसले के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाना और मौजूदा बुनियादी ढांचे का बेहतर इस्तेमाल करना है. इस प्रस्ताव के तहत, गुरु तेग बहादुर अस्पताल,दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को आपस में मिलाकर एक एकीकृत स्वायत्त संस्था के रूप में विकसित किया जाएगा यानि ये संस्था अपने फैसले खुद ले सकेगी. इसका उद्देश्य सुव्यवस्थित सुपर-स्पेशियलिटी इलाज की सेवाएं उपलब्ध कराना होगा.

क्यों किया जा रहा है ऐसा?

अधिकारियों ने बताया कि इस एकीकरण (इंटीग्रेशन) का मकसद अस्पताल में मरीजों के बोझ और बुनियादी ढांचे में मौजूद असंतुलन को दूर करना है. यहां एक तरफ GTB अस्पताल अभी अपनी क्षमता से ज्यादा काम कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ दूसरे अस्पतालों में बुनियादी ढांचे का पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है. GTB अस्पताल को मूल रूप से लगभग 1,400 बिस्तरों के लिए डिजाइन किया गया था, अभी 1,500 से ज्यादा बेड का संचालन कर रहा है. यहां हर साल 14 लाख से ज्यादा OPD विजिट होती हैं. लगभग 95,000 मरीज भर्ती होते हैं.

उपकरणों का हो पाएगा बेहतर इस्तेमाल

इसके विपरीत, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की क्षमता 650 बेड की है, लेकिन अभी केवल लगभग 250 बेड ही चालू हैं. इससे इसके बुनियादी ढांचे का एक बड़ा हिस्सा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है. दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट सालाना लगभग 1.27 लाख OPD मरीजों को देखता है, जबकि राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में हर साल लगभग 2.87 लाख OPD विजिट दर्ज की जाती हैं.

अधिकारियों ने कहा कि हॉस्पिटल को आपस में जोड़ने से सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से वितरित करने में मदद मिलेगी. सीएम रेखा ने कहा कि इन संस्थानों को आपस में जोड़ने से डॉक्टरों, विशेषज्ञों और महंगे मेडिकल उपकरणों का बेहतर इस्तेमाल हो पाएगा. साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि मरीजो को ज्यादा विशेष और समन्वित स्वास्थ्य सेवाएं मिलें.

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