March 27, 2026 6:19 pm
ब्रेकिंग
Bhopal Crime News: भोपाल में बदमाशों के दो गुटों में खूनी संघर्ष, 6 साल की बच्ची के सिर में लगी तलवा... MP News: CM मोहन यादव का बर्थडे सेलिब्रेशन, नौरादेही टाइगर रिजर्व प्रबंधन की बढ़ी मुश्किलें Crime News: बिजली काटने पर विवाद, सोसायटी वालों पर चढ़ाई कार, महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत CM Dhami PM Modi Meeting: दिल्ली में PM मोदी से मिले CM धामी, उत्तराखंड के विकास कार्यों पर हुई चर्च... Greater Noida News: लिफ्ट में 1 घंटे तक फंसे रहे बच्चे और महिलाएं, मची चीख-पुकार यूपी में दरिंदगी: 6 साल की मासूम से रेप का दर्द, फिर 9 घंटे तक सिस्टम से लड़ती रही बच्ची Jewar Airport Inauguration: बारिश के अलर्ट के बीच जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तैयारी पूरी, लगा 12 ला... Gwalior Road Accident: ग्वालियर में भीषण सड़क हादसा, ऑटो-स्कॉर्पियो की टक्कर में 5 की मौत Delhi News: कमर्शियल LPG सिलेंडर का कोटा बढ़ा, जानें दिल्ली में किस सेक्टर को मिलेंगे कितने सिलेंडर मुख्यमंत्री ने कुनकुरी कबीर आश्रम के सदस्यों को सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित किए
उत्तरप्रदेश

यूपी में दरिंदगी: 6 साल की मासूम से रेप का दर्द, फिर 9 घंटे तक सिस्टम से लड़ती रही बच्ची

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक तरफ जहां घर-घर कन्या पूजन की तैयारी चल रही है. वहीं, दूसरी ओर एक मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है. जनपद के नंदगंज थाना क्षेत्र में एक युवक ने 6 साल की मासूम को खंडहर में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने मामले में मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन असली परीक्षा तब शुरू हुई जब पीड़ित परिवार इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा.

पीड़ित मासूम और उसका परिवार दोपहर 2:00 बजे मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल पहुंचे. आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टरों ने मासूम की गंभीर स्थिति को देखने के बजाय उसे मेडिकल लीगल औपचारिकताओं के नाम पर ट्रॉमा सेंटर भेज दिया. जब परिवार ट्रॉमा सेंटर पहुंचा, तो वहां डॉक्टर नदारद मिले. मजबूरन परिवार वापस महिला अस्पताल लौटा, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी इलाज शुरू नहीं किया गया.

9 घंटे बाद जब अस्पताल के गेट पर बैठे परिजन, तब जागा प्रशासन

सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने महिला अस्पताल के गेट पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. जैसे ही मामले ने तूल पकड़ा, कोतवाली पुलिस और जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल मौके पर पहुंचे. रात करीब 10:00 बजे, यानी घटना के करीब 9 घंटे बाद मासूम का इलाज शुरू हो सका.

CMO और मेडिकल कॉलेज प्रशासन में तीखी बहस

मौके पर पहुंचे CMO और मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला. CMO ने नाराजगी जताते हुए कहा कि महिला अस्पताल को 5 साल पहले मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर किया गया था, लेकिन तब से यहां मरीजों के इलाज में लगातार लापरवाही बरती जा रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो वे अस्पताल को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करेंगे और लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ शासन को पत्र लिखेंगे.

दूसरी ओर, मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल नीरज पांडे ने तर्क दिया कि मेडिकल लीगल मामले मुख्य चिकित्सा अधिकारी के केंद्रों के अंतर्गत आते हैं, इसलिए उसे ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था. इस बीच ड्यूटी पर तैनात एक महिला डॉक्टर की संवेदनहीनता भी सामने आई, जो 6 साल की रेप पीड़िता को बार-बार ‘बच्चों के डॉक्टर’ के पास ले जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रही थी.

Related Articles

Back to top button